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मिनिमम बैलेंस की बाध्यता कम कर सकती है SBI

एसबीआई ने अप्रैल से नवंबर 2017 के दौरान अपने खाता धारकों से मिनिमम अकाउंट बैलेंस न रख पाने के एवज में 1,771 करोड़ रुपए वसूले हैं

FP Staff Updated On: Jan 05, 2018 12:13 PM IST

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मिनिमम बैलेंस की बाध्यता कम कर सकती है SBI

भारतीय स्टेट बैंक अब मिनिमम बैलेंस रखने की अनिवार्यता को कम कर सकता है. सरकार के दबाव में यह फैसला बैंक ले सकती है. हालांकि यह प्रस्ताव फिलहाल विचार से स्तर पर ही है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक बैंक इसे कम करने पर विचार कर रहा है. यानी शहरी इलाकों के बैंक खातों में 5000 हजार रुपया रखना अनिवार्य था, वहां अब 3000 रुपए कर दिया जाएगा. वहीं सेमी मेट्रो इलाकों में 2000 रुपए और ग्रामीण इलाकों में इसे 1000 रुपए करने पर विचार किया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक बीते सार जून में न्यूनतम बैलेंस की सीमा 5000 रुपए कर दी गई थी. बैंक के पास देशभर में लगभग 27 करोड़ बचत खाता है.

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अप्रैल से नवंबर 2017 के दौरान अपने खाता धारकों से मिनिमम अकाउंट बैलेंस न रख पाने के एवज में 1,771 करोड़ रुपए वसूले हैं.

पांच साल बाद बैंक ने वसूले थे ग्राहकों से करोड़ों रुपए 

ये रुपए स्टेट बैंक के जुलाई-सितंबर की तिमाही के नेट प्रॉफिट 1581.55 करोड़ से भी ज्यादा है और अप्रैल-सितंबर के नेट प्रॉफिट 3586 करोड़ का आधा.

वित्त वर्ष 2016-17 में एसबीआई अपने खाता धारकों से मिनिमम अकाउंट बैलेंस न रख पाने के लिए कोई चार्ज नहीं वसूला था. पांच साल के गैप के बाद इसी वित्त वर्ष में इस पर पैसे वसूलने की दोबारा शुरुआत हुई.

एसबीआई में 42 करोड़ बचत खाते हैं, जिनमें से 13 करोड़ बचत बैंक जमा खाता और प्रधानमंत्री जन धन योजना खाते हैं. इन दोनों श्रेणियों के खातों से मिनिमम अकाउंट बैलेंस न रख पाने के लिए पैसे नहीं वसूले गए हैं.

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