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नहीं मिलेगी SBI के ग्राहकों को मिनिमम बैलेंस पर राहत

इस नियम को लागू करने के बाद एसबीआई ने अप्रैल और नवंबर 2017 के बीच मिनिमम बैलेंस मेनटेन नहीं करने की वजह से ग्राहकों से 1,772 करोड़ रुपए जुर्मना वसूला

Updated On: Feb 08, 2018 04:33 PM IST

FP Staff

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नहीं मिलेगी SBI के ग्राहकों को मिनिमम बैलेंस पर राहत

मिनिमम बैलेंस से राहत की उम्‍मीद लगाए SBI के ग्राहकों के लिए बुरी खबर है. एसबीआई के ग्राहकों को तय मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने की सूरत में पेनाल्‍टी देनी होगी. देश के सबसे बड़े बैंक के कस्‍टमर्स के लिए पहले की तरह मिनिमम बैलेंस के जरूरी नियम लागू रहेंगे.

हालांकि, यह नियम पहले की तरह अलग-अलग तरह की ब्रांचों के लिए अलग-अलग होगा. मिनिमम बैलेंस के मामले में किसके खाते में कितनी पेनाल्‍टी लगेगी, यह औसत मिनिमम बैलेंस पर भी निर्भर करेगी.

मिनिमम बैलेंस की शर्तों के मामले में एसबीआई ने अपनी ब्रांचों को चार तरह से बांटा है- मेट्रो, रूरल, अर्बन और सेमी-अर्बन. अर्बन या मेट्रो ब्रांचों के कस्‍टमर्स पर पहले की तरह 3000 रुपए मिनिमम औसत बैलेंस का नियम लागू रहेगा.

इससे पहले उम्‍मीद की जा रही थी कि सरकार के दबाव में SBI मिनिमम बैलेंस की शर्तों में राहत दे सकता है. यह भी कहा गया था कि बैंक मासिक औसत बैलेंस की जरूरत को तिमाही औसत बैलेंस में बदलने की तैयारी में भी है. यानी ग्राहकों को हर महीने की बजाय तिमाही पर अपने अकाउंट में निर्धारित बैलेंस मेंनटेन करना होगा.

पिछले साल जून में बढ़ाई थी मिनिमम बैलेंस की रकम

पहले कहा गया था कि बैंक मिनिमम बैलेंस की जरूरत को करीब 1000 रुपए किया जा सकता है, लेकिन अभी इस पर फैसला होना बाकी है. SBI ने जून में मिनिमम बैलेंस को बढ़ाकर 5000 रुपए कर दिया था. हालांकि, बाद में इसे मेट्रो शहरों में घटाकर 3000, सेमी-अर्बन में 2000 और ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 रुपए कर दिया गया था. नाबालिग और पेंशनर्स के लिए भी इस सीमा को कम कर दिया गया था. पेनाल्टी को 25-100 रुपए से घटाकर 20-50 रुपए के रेंज में लाया गया था.

मासिक की बजाय तिमाही बैलेंस के नियम से उन लोगों को फायदा मिलने की उम्‍मीद थी, जिनके अकाउंट में किसी महीने कैश की कमी हो जाती है, लेकिन अगले महीने वह कैश जमा भी कर देते हैं.

गौरतलब है कि एसबीआई में मिनिमम बैलेंस की सीमा दूसरे पब्लिक सेक्टर बैंकों से अधिक और बड़े प्राइवेट बैंकों से कम है. आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, कोटक और एक्सिस बैंक के मेट्रो अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस सीमा 10 हजार रुपए है.

एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है और इसमें देश के आम लोगों के सबसे अधिक खाते हैं. पिछले साल एसबीआई ने सभी खाताधारकों के 5000 रुपए का मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य कर दिया था. ऐसा नहीं करने पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया था. इस नियम को लागू करने के बाद एसबीआई ने अप्रैल और नवंबर 2017 के बीच मिनिमम बैलेंस मेनटेन नहीं करने की वजह से ग्राहकों से 1,772 करोड़ रुपए जुर्मना वसूला.

कितनी लगती है पेनाल्‍टी

मेट्रो या अर्बन ब्रांचों में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर 30 से 50 रुपए के बीच पेनाल्‍टी के साथ ही उस पर जीएसटी भी देनी होगी. सेमी अर्बन और ग्रामीण शाखाओं के लिए पेनाल्‍टी 20 रुपए से लेकर 40 रुपए और जीएसटी है. हालांकि यह पेनाल्‍टी मिनिमम बैलेंस कितना है, इस पर भी निर्भर करता है.

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