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FPI को आकर्षित करने के लिए RBI ने नियमों में दी ढील

भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए उन्हें कम मियाद के ऋण पत्रों में निवेश की सीमा जैसे नियमनों में ढील देने की घोषणा की है.

Updated On: Oct 05, 2018 08:33 PM IST

Bhasha

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FPI को आकर्षित करने के लिए RBI ने नियमों में दी ढील

भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए उन्हें कम मियाद के ऋण पत्रों में निवेश की सीमा जैसे नियमनों में ढील देने की घोषणा की है. संशोधित नियमों के तहत तय अवधि के लिए अपने निवेश का न्यूनतम प्रतिशत बनाए रखने को इच्छुक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) नए तरीके ‘स्वैच्छिक अवधारण मार्ग (वीआरआर)‘ के लिए आवेदन कर सकते हैं.

रिजर्व बैंक ने कहा, 'प्रस्तावित तरीके वीआरआर के तहत एफपीआई को निवेश के मामले में परिचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा. उन्हें एक साल से कम अवधि के निवेश की सीमा, किसी कॉरपोरेट समूह में निवेश की सीमा आदि जैसे नियामकीय प्रावधानों में छूट मिलेगी.' रिजर्व बैंक ने कहा कि वीआरआर के योग्य होने के लिए एफपीआई को अपने निवेश का तहत प्रतिशत अपने सुविधानुसार निश्चित समय तक देश में बनाए रखने के लिए स्वेच्छा से तैयार होना होगा.

वहीं रिजर्व बैंक के जरिए मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया गया. भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी के तहत रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. इसके साथ ही इसे 6.50 फीसदी पर और रिवर्स रेपो रेट को 6.25 फीसदी पर बरकरार रखा है.

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