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RBI Vs Govt: उर्जित पटेल का नहीं होगा इस्तीफा, मतभेदों को दूर करने में जुटी सरकार

सरकार रिजर्व बैंक के साथ मतभेदों को दूर करने के प्रयास में जुट गई है

Updated On: Nov 06, 2018 10:22 AM IST

FP Staff

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RBI Vs Govt: उर्जित पटेल का नहीं होगा इस्तीफा, मतभेदों को दूर करने में जुटी सरकार
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सरकार रिजर्व बैंक के साथ मतभेदों को दूर करने के प्रयास में जुट गई है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल से अब इस्तीफा देने की मांग नहीं की जाएगी. सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि सरकार और रिजर्व बैंक के बीच जो मतभेद हुए हैं वो आम हैं और कई सरकारें पहले के समय में ऐसी स्थितियों का सामना कर चुकी हैं.

नहीं देंगे इस्तीफा

करीब 10 दिन पहले तक खबरें थीं कि उर्जित पटेल इस्तीफा देने वाले हैं. वहीं अब एक सरकारी अधिकारी ने कहा है कि उर्जित पटेल का कार्यकाल अगस्त, 2019 में खत्म होगा और वो अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. कुछ दिन पहले ही चिंतित निवेशकों को शांत करने का प्रयास करते हुए सरकार ने कहा था कि रिजर्व बैंक की स्वायत्तता जरूरी है और इसे सहेज कर रखा जाएगा.

डिप्टी गवर्नर ने उठाया था स्वायत्तता का मुद्दा

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक एक डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य द्वारा केन्द्रीय बैंक की स्वायत्तता का मुद्दा उठाए जाने के बाद मोदी सरकार और रिजर्व बैंक के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे. डिप्टी गवर्नर ने कहा था कि जो सरकारें केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता का सम्मान नहीं करती हैं, उन्हें देर सबेर वित्तीय बाजारों के रोष का सामना करना पड़ता है.

क्या है मतभेद की वजह

समूचे घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सरकार ने रिजर्व बैंक कानून की धारा सात के तहत विभिन्न मुद्दों को लेकर कम से कम तीन पत्र भेजे हैं. आरबीआई कानून की धारा सात केंद्र सरकार को सार्वजनिक हित के मुद्दों पर केन्द्रीय बैंक के गवर्नर को सीधे निर्देश जारी करने का अधिकार देती है. केन्द्र और रिजर्व बैंक के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद उभरे हैं. सार्वजनिक क्षेत्र के कमजोर बैंकों के कामकाज में सुधार के उपायों, प्रणाली में नकदी की तंगी और बिजली क्षेत्र में फंसे कर्ज की समस्या से निपटने से जुड़े मुद्दे हैं जिनपर मतभेद कुछ ज्यादा है.

अपुष्ट खबरों के मुताबिक, इन मतभेदों को लेकर स्थिति यहां तक पहुंच गई कि रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल इस्तीफा देने का मन बना चुके थे. सरकार अगर कोई अप्रत्याशित कदम उठती तो ऐसा हो सकता था.

(एजेंसी से इनपुट)

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