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RBI के इशारे पर बैंकों ने धड़ाधड़ बांटे हैं लोन: अरुण जेटली

मॉनेट्री पॉलिसीमेकर्स की स्वायत्ता को लेकर केंद्र सरकार और आरबीआई गवर्नर के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है

Updated On: Oct 30, 2018 06:51 PM IST

FP Staff

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RBI के इशारे पर बैंकों ने धड़ाधड़ बांटे हैं लोन: अरुण जेटली
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केंद्र सरकार और आरबीआई गवर्नर ऊर्जित पटेल के बीच ठन गई है. दोनों के बीच की यह अनबन जगजाहिर हो गई है. आज फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली आरबीआई गवर्नर से मुलाकात करने वाले हैं. इस मुलाकात से पहले जेटली ने आलोचना करते हुए कहा, 'आप 2008 से 2014 के बीच में देखिए. वैश्विक आर्थिक संकट के बाद अर्थव्यवस्था कृत्रिम तौर पर बढ़ रही है. बैंकों को कहा गया कि वो जमकर लोन बांटे और उन्होंने किसी को भी लोन दिया है.' जेटली यूएस-अमेरिका स्ट्रैजिक पार्टनरशिप फोरम की तरफ से आयोजित इंडिया लीडरशिप समिट में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा, 'सेंट्रल बैंक ने धड़ाधड़ लोन बांटे हैं.' जेटली ने आगे कहा कि आरबीआई ने बैंकों को लोन बांटने का दबाव बढ़ाया. इसका नतीजा है कि बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर 31 फीसदी हो गई है जो औसतन 14 फीसदी रहती थी.

मॉनेट्री पॉलिसीमेकर्स की स्वायत्ता को लेकर केंद्र सरकार और आरबीआई गवर्नर के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इन मुद्दों को सुलझाने के लिए ही जेटली और पटेल मुलाकात करने वाले हैं. जेटली फाइनेंशियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल की एक बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं. इस बैठक में पटेल भी शामिल होने वाले हैं.

कुछ दिनों पहले ही आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल अचार्या ने चेतावनी दी थी कि रिजर्व बैंक के अधिकारों का अतिक्रमण कर रहा है. सोमवार को ऑल इंडिया रिजर्व बैंक एंप्लॉयीज एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी थी कि 'देश के केंद्रीय बैंक की अनदेखी करना मुसीबत बन सकता है जो सरकार करने की कोशिश कर रही है.' इस स्पीच के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार और रिजर्व बैंक से निवेदन किया है कि उन्हें अपनी दूरियां कम करनी चाहिए.

केंद्र सरकार इस बात से नाराज है कि आरबीआई के साथ उसके मतभेद सार्वजनिक क्यों हो गया है. सीनियर अधिकारियों ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि सरकार को डर है कि इससे निवेशकों के बीच देश की छवि खराब ना हो जाए.

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