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उर्जित पटेल ने RBI गवर्नर पद से इस्तीफा दिया

19 नवंबर को हुई आरबीआई बोर्ड की बैठक में भी उर्जित पटेल के इस्तीफा देने की आशंका थी, लेकिन तब केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद यह मसला हल हो गया था

Updated On: Dec 10, 2018 07:08 PM IST

FP Staff

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उर्जित पटेल ने RBI गवर्नर पद से इस्तीफा दिया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. पटेल ने इस्तीफा देने की वजह निजी कारणों को बताया है. उर्जित पटेल के 3 साल का कार्यकाल अगले साल सितंबर में पूरा हो रहा था. पिछले कुछ दिनों से उर्जित पटेल और केंद्र सरकार के बीच मतभेद चल रहा था.

पटेल ने अपने पद से इस्तीफ देते हुए कहा, 'निजी कारणों की वजह से मैंने तत्काल प्रभाव अपना पद छोड़ने का फैसला किया है. यह मेरे लिए बेहद सम्मान और गर्व की बात है कि मैंने RBI के इस पद पर इतने साल काम किया.'

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इसके पहले 19 नवंबर को हुई आरबीआई बोर्ड की बैठक में भी उर्जित पटेल के इस्तीफा देने की आशंका थी. लेकिन तब केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद यह मसला हल हो गया था. पटेल के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उर्जित अपने पीछे के एक महान विरासत छोड़कर जा रहे हैं. हम उन्हें मिस करेंगे. बीते 6 सालों से वह आरबीआई में थे.

प्रधानमंत्री ने कहा, पटेल ने बैंकिंग प्रणाली की अराजक स्थिति को संभाला है. उनके नेतृत्व में, आरबीआई में वित्तीय स्थिरता आई है.

किस बात को लेकर केंद्र सरकार से था मतभेद

केंद्र सरकार और आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के बीच पिछले कुछ महीनों से लगातार तनाव स्थिति बनी हुई थी. दोनों के बीच नीतिगत मुद्दों को लेकर मतभेद की खबर है. 2018 के शुरुआती महीनों में सरकार और RBI के बीच ज्यादा अच्छे संबंध नहीं रहे हैं और दोनों ही ओर से बात भी ज्यादा नहीं की जा रही है.

ऐसे शुरू हुआ था विवाद 

RBI के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा था कि RBI की स्वायत्तता पर चोट किसी के हक में नहीं होगी. विरल ने कहा था, 'RBI के काम में दखल देने से बैंक की स्वायत्तता पर प्रभाव पड़ रहा है. इकोनॉमी में सुधार लाने के लिए आरबीआई सरकार से थोड़ा दूरी बनाना चाहती है लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है. सरकार बैंक के कामों में हस्तक्षेप कर रही है, जो कि ठीक नहीं है. उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद अफवाह उड़ी की विरल आचार्य ने भी इस्तीफा दे दिया है. हालांकि इसका बाद में खंडन कर दिया गया.

क्यों नाराज थी सरकार

रिपोर्ट के मुताबिक ब्याज दरों में कटौती न करने पर सरकार नाराज चल रही थी. नीरव मोदी के धोखाधड़ी मामले पर भी बैंक और सरकार के बीच स्थिति तनावपूर्ण है. वहीं 2018 की शुरुआत से ही करीब आधे दर्जन मुद्दों पर बैंक और सरकार के बीच मतभेद हैं. पटेल चाहते हैं कि सरकारी बैंकों पर नजर रखने के लिए आरबीआई को और शक्तिशाली बनाना चाहिए. तमाम मतभेदों की वजह से सरकार में मौजूद लोग उर्जित पटेल पर निशाना साध रहे हैं. उनका कहना है कि रघुराम राजन, उर्जित से बेहतर गवर्नर थे.

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