S M L

एयरसेल-मैक्सिस मामला: जांच अधिकारी ने किया ED और सरकार के बीच चल रही रस्साकशी का खुलासा

ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह ने राजस्व सचिव हसमुख अधिया को लिखे अपने पत्र में कहा है कि पी चिदंबरम ने मेरे जीवन को नरक बना दिया है क्योंकि मैं उनसे और उनके बेटे से जुड़े मामले की जांच कर रहा हूं

FP Staff Updated On: Jun 28, 2018 06:10 PM IST

0
एयरसेल-मैक्सिस मामला: जांच अधिकारी ने किया ED और सरकार के बीच चल रही रस्साकशी का खुलासा

एक बड़ा घोटाला, एक जांच अधिकारी, एक गुप्त रिसर्च और रॉ से मिला नोट, नौकरशाहों के बीच रस्साकशी और सरकारी एजेंसियों की राय में बदलाव. यह किसी काल्पनिक कहानी का सारांश नहीं बल्कि वित्त मंत्रालय में चल रही एक सच्ची घटना है.

यह सब तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ई़डी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच करने की अनुमति दी. सिंह 2जी और एयरसेल-मैक्सिस मामले की जांच कर रहे हैं. एयरसेल मैक्सिस मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ती चिदंबरम का नाम है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब तक एयरसेल-मैक्सिस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक सिंह के खिलाफ जांच ना हो. बुधवार को जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस संजय किशन कौल की वैकेशनल बेंच ने रजनीश कपूर की जनहित याचिका पर सुनवाई की. बेंच ने न सिर्फ सिंह के खिलाफ लगे आरोपों के जांच की अनुमति दे दी बल्कि यह सरकार पर ही छोड़ दिया कि वह एयरसेल-मैक्सिस मामले में सिंह की भूमिका पर जांच कराना चाहती है या नहीं.

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश तब आया है जब सरकारी वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने अदालत को बताया कि सरकार इस मामले की जांच कर रही थी और बंद लिफाफे में संवेदनशील जानकारियां बेंच को सौंपी हैं. तब बेंच ने भी पाया कि यह संवेदनशील मुद्दा था और इसमें कुछ गंभीर आरोप थे.

आखिर क्या है लिफाफे में?

ईडी ने स्टेटमेंट जारी करते हुए सरकार के जांच और गुप्त ब्योरे के दावों को खारिज कर दिया. रॉ का नाम लिए बगैर ईडी ने कहा कि सिंह को 2016 में दुबई से किसी व्यक्ति का फोन आया था. उस व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां थीं. सिंह ने ईडी को यह जानकारी दे दी थी लेकिन बाद में यह मामला बंद कर दिया गया.

ईडी ने अपने बयान में कहा कि यह राजेश्वर सिंह से जुड़ी कुछ जानकारियां सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई हैं. सिंह फिलहाल एयरसेल-मैक्सिस और 2जी केस की जांच कर रहे हैं. सिंह के पास आए फोन कॉल की जानकारी ईडी को दे दी गई थी और आगे यह जानकारी केस के जांच में इस्तेमाल भी हुई. बयान में कहा गया है कि यह ध्यान देने वाली बात है कि सिंह ने सिर्फ एक ही कॉल आई. राजेश्वर सिंह एक जिम्मेदार अधिकारी हैं और उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है.

खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने इस बात की पुष्टि कर दी कि यह कॉल चल रही जांच के बारे में ही आई थी. इसके बाद मामले को बंद कर दिया गया था.

निदेशालय ने सरकार के उस संवेदनशील जानकारी के दावे को भी खारिज करने की कोशिश की, जिसमें कहा गया था कि उपेंद्र राय से संबंध रखने वाले राधेश्याम राय ने ट्वीट करके बताया था कि ईडी के पास सीक्रेट रिपोर्ट की जानकारी है. उपेंद्र राय को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है.

सीधे शब्दों मे कहें तो ईडी ने न केवल सरकार द्वारा अदालत में दाखिल की गई गुप्त रिपोर्ट का खंडन किया बल्कि अपने अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और गुप्त रिपोर्ट को खारिज करने के तमाम तरकीबें अपना लिए. लेकिन मामले का अंत यहीं नहीं होने वाला था.

राजेश्वर सिंह का हसमुख अधिया को लिखा लेटर लीक

अनौपचारिक माध्यमों से एक पत्र लीक होने के बाद पता चला कि सिंह ने करीब  दो हफ्ता पहले राजस्व सचिव हसमुख अधिया को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने दावा किया था कि एयरसेल मैक्सिम मामले में चल रही जांच दिशा बदलने के लिए कुछ लोग उनको निशाना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसी बड़े आदमी को बचाने की कोशिश चल रही है.

सिंह ने अपने लेटर में यह भी आरोप लगाया है कि कुछ भ्रष्ट लोगों को वित्त मंत्रालय के गलियारों तक पहुंचने की छूट मिली हुई है जबकि ईमानदार अधिकारियों को नहीं. यह पत्र ईडी के डायरेक्टर करनाल सिंह ने राजस्व सचिव को भेजा था.

पी चिदंबरम ने मेरी जिदंगी नरक बना दी 

सिंह ने अपने पत्र में लिखा, 'पी चिदंबरम ने मेरी जिंदगी नरक बना दी है क्योंकि मैं उनकी और उनके बेटे से जुड़े केस की जांच कर रहा हूं. यह मजाकिया लग सकता है लेकिन चिदंबरम ने मेरे खिलाफ सीधे गड़बड़ी की है क्योंकि यह केस सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है. हालांकि, मुझे ज्यादा परेशानी इस बात की है कि कई तरीकों से मेरे खिलाफ स्कैमस्टर्स और सहयोगियों की एक शत्रुता तैयार कर दी गई है. यह मेरे काम करने के लिए और निरंतर विद्रोह से बचने के लिए अब काफी मुश्किल हो गया है.

इस पूरे मामले में बीजेपी राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सिंह का समर्थन किया है और कहा है कि यह पूरे मामले का लक्ष्य प्रधानमंत्री को कमजोर करने का है. उन्होंने कहा कि वह अवश्य ही अपने पीएमओ के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर मामले की जांच कराएं. स्वामी ने यह भी कहा कि कुछ नौकरशाह ईमानदार अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं मैं जल्द ही मोदी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र करने वालों के नामों का पर्दाफाश करूंगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi