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रघुराम राजन का जाना भारत के लिए नुकसान: 2017 नोबेल पुरस्कार विजेता

रिचर्ड थेलर और रघुराम राजन पूर्व में और वर्तमान में शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में सहयोगी फैकल्टी हैं

Updated On: Oct 11, 2017 07:36 PM IST

FP Staff

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रघुराम राजन का जाना भारत के लिए नुकसान: 2017 नोबेल पुरस्कार विजेता

केंद्र सरकार द्वारा रघुराम राजन के रिजर्व बैंक के गर्वनर के तौर पर कार्यकाल नहीं बढ़ाने जाने के फैसले से रिचर्ड थेलर बहुत खुश थे. साल 2017 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता थेलर ने अपने मन की बात कही है.

रिचर्ड थेलर और रघुराम राजन पूर्व में और वर्तमान में शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में सहयोगी हैं.

राजन ने बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से अवकाश लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर पद का भार संभाला था. सितंबर 2016 में जब उनका कार्यकाल खत्म हुआ- या कहें, उसे बढ़ाया नहीं गया, तो उन्होंने वापस शिक्षा जगत में लौटने का फैसला किया.

राजन के इसकी घोषणा करने के बाद बूथ स्कूल ने यह ट्वीट किया

तब रिचर्ड थेलर ने कहा था 'रघु के दोबारा आने से बहुत खुश हूं. राजन का वापस लौट आना भारत का ऩुकसान है.'

अब जबकि सभी यह जानते हैं कि साल 2008 में आई वैश्विक मंदी की स्थित का राजन ने कुछ साल पहले ही पूर्वानुमान लगा लिया था

1992 के बाद से रघुराम राजन पहले ऐसे आरबीआई गर्वनर थे जिन्हें 5 साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त नहीं किया गया था.

पिछले साल जब रघुराम राजन ने बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस लौटने की घोषणा की तो ऐसी अटकलें लगाई जाने लगीं थी कि शिकागो यूनिर्वसिटी उन्हें अब आगे छुट्टी नहीं दे रहा है. तब राजन ने इसपर कहा था 'यह सच नहीं है.'

राजन ने कहा था कि वो अपने शुरू किए गए अधूरे कामों को पूरा करने के लिए आरबीआई के गवर्नर बने रहना चाहते हैं. मगर सरकार की ओर से इस बारे में उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं मिला.

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