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प्राइवेट एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों के साथ अपना रवैया सुधारें- संसदीय समिति

डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि त्योहारी सीजन में कुछ एयरलाइंस किराया में 8 से 10 गुना की वृद्धि कर देते हैं. मैं इन कंपनियों को मंत्रालय की तरफ से कहना चाहता हूं कि इस तरह की वृद्धि दोबारा न हो

Updated On: Dec 27, 2018 05:01 PM IST

FP Staff

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प्राइवेट एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों के साथ अपना रवैया सुधारें- संसदीय समिति

संसद की विभाग संबंधी समिति ने निजी विमानन कंपनियों के यात्रियों के साथ बेहतर रवैया नहीं अपनाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार के माध्यम से विमानन कंपनियों को सख्त संदेश देने की सिफारिश की है.

परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति की हाल ही में संसद में पेश रिपोर्ट में विमानन कंपनियों द्वारा विभिन्न प्रकार के शुल्क बहुत अधिक मात्रा में वसूलने, यात्री सामान संबंधी नियमों का असुविधाजनक तरीके से पालन करने और यात्रियों के साथ बदसलूकी के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है.

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन की अध्यक्षता वाली समिति ने इस मामले में निजी विमानन कंपनी इंडिगो की सर्वाधिक शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि समिति ने सभी कंपनियों से टिकिट प्रणाली और यात्री सुविधा से जुड़ा ब्योरा पेश करने को भी कहा है. ब्रायन ने बताया कि समिति के सभी सदस्यों ने कहा कि इंडिगो का रवैया यात्री हितैषी नहीं है.

उन्होंने कहा कि इस मामले में सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया का रिपोर्ट कार्ड सबसे बेहतर पाया गया. ब्रायन ने कहा, ‘समिति इस बात से अवगत है कि हवाई किराए को सरकारी नियंत्रण से बाहर कर दिया गया है लेकिन इसकी आड़ में यात्रियों को कंपनियों के शोषण के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है.’

उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में कुछ एयरलाइंस किराया में 8 से 10 गुना की वृद्धि कर देते हैं. मैं इन कंपनियों को मंत्रालय की तरफ से कहना चाहता हूं कि इस तरह की वृद्धि दोबारा न हो. इसके साथ ही डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि समिति ने सिफारिश की है कि टिकट रद्द करने का शुल्क किराए के 50 प्रतिशत से ज्यादा न हो.

समिति ने इसके मद्देनजर विमानन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को तलब किया और उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होने के आधार पर सभी कंपनियों से कर्मचारियों को यात्री हितैषी बनाने के लिए दिए जाने वाले प्रशिक्षण का ब्योरा पेश करने को कहा है.

विज्ञापन पर खर्च करने के बजाय मूलभूत ढांचे पर खर्च हो

उन्होंने बताया कि समिति ने पर्यटन के मामले में जम्मू कश्मीर में भी हवाई यात्रियों की इसी तरह की शिकायतें सामने आईं. समिति ने पर्यटन के मामले में लद्दाख क्षेत्र की अनदेखी किए जाने, प्रसाद योजना के तहत चल रही 23 परियोजनाओं में आधी से अधिक परियोजनायें विलंबित होने और महज दो से तीन प्रतिशत परियोजनाएं ही पूरी होने पर चिंता जताई.

समिति ने सरकार द्वारा पर्यटन योजनाओं का अधिकांश कोष विज्ञापन पर खर्च करने से बचते हुए मूलभूत ढांचे पर पर्याप्त राशि खर्च करने की सिफारिश की. ब्रायन ने बताया कि समिति ने केंद्र और राज्यों की पर्यटन योजनाओं में भारी अंतर होने का हवाला देते हुए इनमें आपसी सहयोग बढ़ाने की सिफारिश की है.

समिति ने पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार अगर पर्यटन योजनाओं में सिर्फ विज्ञापन पर ही खर्च करेगी तो वांछित परिणाम हासिल नहीं होंगे. विज्ञापन जरूरी है लेकिन सिर्फ विज्ञापन पर ही खर्च करना अनुचित है. उन्होंने कहा कि समिति ने संस्कृति संबंधी मामलों पर विचार के दौरान सिर्फ तीन राज्यों को कुल बजट का 70 प्रतिशत हिस्सा आवंटित करने पर चिंता व्यक्त करते हुए अन्य राज्यों को भी समानुपातिक रूप से इसमें शामिल करने का सुझाव दिया है.

(इनपुट भाषा से)

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