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लगातार 10वें दिन गिरे पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में 21 पैसे सस्ता हुआ पेट्रोल

19 दिन तक लगातार कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पिछले 10 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती का स‍िलस‍िला जारी है

FP Staff Updated On: Jun 08, 2018 10:20 AM IST

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लगातार 10वें दिन गिरे पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में 21 पैसे सस्ता हुआ पेट्रोल

तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल के दाम में 21 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 15 पैसे प्रति लीटर की कटौती की. यूं तो पिछले कई दिनों से तेलों के दाम गिर रहे हैं लेकिन शुक्रवार की कटौती सबसे बड़ी है. यह लगातार दसवां दिन है जब पेट्रोल-डीजल के दाम गिरे हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिरने से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें घट रही हैं. शुक्रवार की कटौती के बाद सबसे सस्ता पेट्रोल दिल्ली में मिल रहा है, जहां इसकी कीमत 77.42 रुपए है

चार महानगरों में 8 जून को पेट्रोल के दाम

नई दिल्ली - 77.42 रुपए

कोलकाता - 80.07 रुपए

मुंबई - 85.24 रुपए

चेन्नई - 80.37 रुपए

19 दिन तक लगातार कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पिछले 10 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती का स‍िलस‍िला जारी है. हालांकि कीमतों में मिल रही यह राहत काफी कम है.

चार महानगरों में 8 जून को डीजल के दाम

नई दिल्ली - 68.58 रुपए

कोलकाता - 71.13 रुपए

मुंबई - 73.02 रुपए

चेन्नई - 72.40 रुपए

पिछले 10 दिन का आंकड़ा देखें तो राजधानी दिल्‍ली में पेट्रोल 1 रुपया और डीजल 73 पैसे प्रति लीटर तक सस्ता हुआ है. कर्नाटक चुनाव से पहले तेलों के दाम कुछ स्थिर थे लेकिन उसके बाद इसमें बढ़ोतरी देखी जाने लगी. बीते 29 मई को दिल्ली में पेट्रोल सबसे महंगा 78.43 रुपए तक पहुंचा था. शुक्रवार को इसकी कीमत गिरकर 77.42 रुपए पहुंच गई.

तेलों के जीएसटी दायरे में आने की उम्मीद

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा. जीएसटी के दायरे में आने से तेलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद मिलेगी.

प्रधान ने कहा, ‘आगे चलकर पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाना तय है .... यह केवल समय की बात है. इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में काफी हद तक रोक लगाने में मदद मिलेगी.’ हालांकि, उन्होंने उन्होंने यह नहीं बताया कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में कब तक लाया जाएगा.

प्रधान ने कहा कि राज्य पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में नहीं लाना चाहते क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें अधिक फायदा है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से टैक्स सिस्टम में एकरूपता आएगी. जीएसटी परिषद इस दिशा में काम कर रही है.

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