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क्या ये फ्रेंच कंपनी बनाएगी स्वदेशी पतंजलि को ग्लोबल ब्रांड?

फ्रांसीसी लग्जरी ग्रुप एलवीएमएच ने पतंजलि आयुर्वेद में हिस्सेदारी लेने की इच्छा जताई है

Updated On: Jan 11, 2018 01:42 PM IST

FP Staff

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क्या ये फ्रेंच कंपनी बनाएगी स्वदेशी पतंजलि को ग्लोबल ब्रांड?
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योग गुरू बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को एक बड़ा ऑफर मिला है. फ्रांसीसी लग्जरी ग्रुप एलवीएमएच ने पतंजलि आयुर्वेद में हिस्सेदारी लेने की इच्छा जताई है.

एलवीएमएच की हिस्सेदारी वाला एल कैटर्टन प्राइवेट इक्विटी फंड अपने एशिया फंड में बची रकम के आधे यानी 50 करोड़ डॉलर से पतंजलि में हिस्सेदारी खरीदने को तैयार है.

पतंजलि में कोई मॉडल मिला तो साथ करेंगे बिजनेस

एलवीएमएच कंपनी का कहना है कि पतंजलि के मॉडल में मल्टीनैशनल और फॉरन इन्वेस्टमेंट की गुंजाइश नहीं है. लेकिन अगर वह कोई मॉडल ढूंढ पाएं तो उनके साथ बिजनेस जरूर करना चाहेंगे.

पतंजलि बन सकता है ग्लोबल ब्रांड

एलवीएमएच का मानना है कि उसके साथ मिल कर पतंजलि अपने प्रॉडक्ट्स अमेरिका, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोप में बेच सकती है. साथ ही एलवीएमएच के मुताबिक एल कैटर्टन की मदद से पतंजलि ग्लोबल कंपनी बन सकती है. एलवीएमएच का कहना है कि फिलहाल कंपनी में स्टेक लेना शायद संभव ना हो, लेकिन पतंजलि फंडिंग की तलाश में है.

बता दें कि पिछले कुछ सालों में कई लोकल और ग्लोबल कंपनियों को पीछे छोड़ पतंजलि देश की बड़ी एफएमसीजी कंपनियों में शामिल हो गई है.

पतंजलि कर्ज चाहती है पर हिस्सेदारी बेचने को राजी नहीं है

खबरों के मुताबिक पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि वो कंपनी में हिस्सेदारी नहीं बेचना चाहते लेकिन पतंजलि भारतीय करेंसी में 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेना चाहती है.

बालकृष्ण ने कहा कि कंपनी को बैंकों से कम रेट पर कर्ज मिलने की उम्मीद है. इसलिए यूबीएस ने कई विदेशी निवेशकों के साथ मीटिंग फिक्स की है. बालकृष्ण के मुताबिक पतंजलि में हिस्सेदारी नहीं बेची जाएगी, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वह एल कैटर्टन से बात करने को तैयार हैं.

विदेशी मशीनों को प्रयोग कर सकते हैं तो विदेशी धन का क्यों नहीं

पतंजलि के सीईओ बालकृष्ण ने कहा कि वह अपनी शर्तों पर आर्थिक मदद लेने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए वह इक्विटी या शेयर बेचकर पैसा नहीं लेंगे.

साथ ही बालकृष्ण ने कहा कि जब देश तरक्की के लिए विदेशी तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है और ऐसे में अगर विदेशी पैसा आता है तो हम अपनी शर्तों पर उसे स्वीकार करने को तैयार हैं.

ठाकरन के मुताबिक पतंजलि की वैल्यू अभी 5 अरब डॉलर है. उन्होंने कहा कि हम कंपनी को भारत से बाहर ब्रांड बनाने में मदद करना चाहते हैं.

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