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वक्त पर काम शुरू नहीं करने पर गेल का पाइपलाइन लाइसेंस रद्द

गुजरात के सूरत से ओडिशा के पारादीप तक पाइपलाइन बिछाने का गेल इंडिया को दिया लाइसेंस रद्द कर दिया है, यह लाइसेंस उसे अप्रैल 2012 में आवंटित किया गया था

Bhasha Updated On: Mar 15, 2018 06:21 PM IST

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वक्त पर काम शुरू नहीं करने पर गेल का पाइपलाइन लाइसेंस रद्द

ऑयल रेगुलेटर पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने गुजरात के सूरत से ओडिशा के पारादीप तक पाइपलाइन बिछाने का गेल इंडिया को दिया लाइसेंस रद्द कर दिया है. रेगुलेटर का कहना है कि कंपनी ने लाइसेंस हासिल करने के छह साल बाद भी काम शुरू नहीं किया. गेल सरकारी कंपनी है.

13 मार्च के ऑर्डर के मुताबिक, रेगुलेटर पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने कंपनी की प्रदर्शन से जुड़ी पूरी 20 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी को भी भुनाने का आदेश दिया.

सबसे कम बोली लगाई लेकिन काम शुरू नहीं किया 

गेल ने नवंबर 2011 में परियोजना हासिल करने के लिए आश्चर्यजनक तरीके से सबसे कम 0.01 ( एक पैसा) प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट की बोली लगाई थी. कंपनी को औपचारिक रूप से अप्रैल 2012 में परियोजना आवंटित की गई.

कंपनी ने नीलामी में गुजरात सरकार की कंपनी जीएसपीसी इंडिया ट्रांसको लिमिटेड को पछाड़ते हुए सूरत- पारादीप परियोजना हासिल की थी. कुल 2,112 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन की क्षमता 7.48 करोड़ घन मीटर गैस प्रतिदिन ढुलाई है.

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कई मौकों पर संसद में कहा कि सूरत-पारादीप और इस प्रकार की अन्य पाइपलाइन पर विभिन्न वजहों से अब तक काम शुरू नहीं हुआ. इसमें कोई बड़ा स्थायी ग्राहक नहीं मिल पाना भी शामिल है.

और किन परियोजनाओं में हुई है देरी

इस दौरान जिन अन्य गैस पाइपलाइन परियोजनाओं में देरी हुई है, उसमें मल्लावरम-भोपाल-भीलवाड़ा, मेहसाणा- बठिंडा तथा बठिंडा-जम्मू-श्रीनगर पाइपलाइन शामिल हैं. इन परियोजनाओं का लाइसेंस जीएसपीसी इंडिया ट्रांसको लिमिटेड के पास है.

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