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नोटबंदीः पुराने नोटों की गिनती के लिए 66 मशीनों का हो रहा उपयोग

आरबीआई ने सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत यह जानकारी दी है

Bhasha Updated On: Oct 16, 2017 07:28 PM IST

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नोटबंदीः पुराने नोटों की गिनती के लिए 66 मशीनों का हो रहा उपयोग

नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा कराए गए 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों की गिनती के लिए 66 अत्याधुनिक मुद्रा गणना एवं प्रसंस्करण मशीनों (सीवीपीएस) का इस्तेमाल किया जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह जानकारी दी.

नोटों की गिनती के लिए इन आधुनिक मशीनों की खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी की गई थी. केंद्रीय बैंक ने सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत यह जानकारी दी.

आरटीआई आवेदन के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा, ‘इस समय पुराने नोटों की गिनती के लिए 59 आधुनिक गणना मशीनें काम पर लगी हुई हैं. इसके अलावा वाणिज्यक बैंकों के पास उपलब्ध सात ऐसी मशीनों को भी इस्तेमाल में लाया जा रहा है.’

केंद्रीय बैंक ने कहा कि सात सीवीपीएस मशीनों को पट्टे पर लेने का काम चल रहा है, इसके साथ ही वाणिज्यिक बैंकों के पास उपलब्ध सात मशीनों को भी इस्तेमाल में लाया जा रहा है.

99 प्रतिशत नोट बैंक्रिग तंत्र में लौट आए हैं 

इन मशीनों को पट्टे पर लेने के शुल्क के बारे में पूछे गए सवाल पर केंद्रीय बैंक ने कहा कि जो सूचना मांगी गई है वह वाणिज्यिक विश्वास के रूप में है और इसलिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून 2005 की धारा 8 (1) डी के तहत इस तरह की जानकारी देने से छूट है.

रिजर्व बैंक ने कहा है कि उसके कार्यालयों में 59 सीवीपीएस मशीनें इस्तेमाल में लाई जा रही हैं और एक निरीक्षक की निगरानी में पांच लोगों का समूह इसका संचालन कर रहा है. इसके अलावा कई अन्य लोग भी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल हैं.

रिजर्व बैंक ने 2016-17 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा था कि पुराने बंद किए गए 500, 1,000 रुपए के 15.28 लाख करोड़ रुपए यानी 99 प्रतिशत नोट बैंक्रिग तंत्र में लौट आए हैं.

बैंक ने कहा कि 15.44 लाख करोड़ रुपए के पुराने नोटों में से केवल 16,050 करोड़ रूपए के ऐसे नोट ही बैंकिंग तंत्र में नहीं आए हैं. रिजर्व बैंक की यह रिपोर्ट 30 जून 2017 को समाप्त वर्ष की है.

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