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देश आर्थिक नरमी से बाहर आया, अगली दो तिमाही में ग्रोथ: नीति आयोग

राजीव कुमार ने यह माना कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण समस्या हुई है लेकिन लोगों ने नई टैक्स व्यवस्था को अपना लिया है

Updated On: Sep 27, 2017 06:14 PM IST

Bhasha

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देश आर्थिक नरमी से बाहर आया, अगली दो तिमाही में ग्रोथ: नीति आयोग

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि देश यूपीए-दो के अंतिम दो वर्षों के दौरान शुरू हुई आर्थिक नरमी की स्थिति से बाहर आ गया है. अगली दो तिमाही में ग्रोथ रेट में बढ़ोतरी होगी.

कुमार ने यह भी माना कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण समस्या हुई है लेकिन लोगों ने अब नई टैक्स व्यवस्था को अपना लिया है.

अॉल इंडिया मैनेजमेंट एसोसएिशन (एआईएमए) के डायमंड जुबली कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'आर्थिक वृद्धि में नरमी का साइकल यूपीए दो के अंतिम दो साल में शुरू हुआ और मेरे हिसाब से ग्रोथ रेट में कमी अब खत्म हो गया है.'

कुमार ने कहा, 'हम अगली दो तिमाहियों में हाई ग्रोथ हासिल करेंगे और मुझे लगता है कि आर्थिक वृद्धि के लिहाज से वर्ष 2018-19 मौजूदा वित्त वर्ष के मुकाबले बेहतर होगा.' गौरतलब है कि देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही जो तीन साल का न्यूनतम है.

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर आप मैन्युफैक्चरिंग और सेवा पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) देखें, जुलाई में यह न्यूनतम स्तर पर गया और अब यह ऊपर आने लगा है.

जिन देशें ने जीएसटी अपनाया वहां गिरावट

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से जिन देशें ने जीएसटी अपनाया, वहां आर्थिक वृद्धि में कुछ गिरावट देखी गई. उन्होंने कहा कि इसका कारण व्यवस्था को नई चीजों को को अपनाने में थोड़ी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है.

नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए कुमार ने कहा कि देश में पिछले तीन साल में 250 अरब डालर मूल्य का एफडीआई आया.

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय उद्योग को राष्ट्रीय हितों को पूरा करना चाहिए न कि समाज के केवल एक तबके को. कुमार ने जोर देकर कहा कि सरकार और उद्योग के बीच भरोसा जगाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि उद्योग को विश्व की आधुनिक टेक को अपनाना चाहिए, घरेलू उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर काम करने के दिन अब बीते दिनों की बात है.

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