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एक हुए Vodafone-Idea, अब एयरटेल नंबर वन नहीं

आइडिया सेल्यूलर और वोडाफोन इंडिया का विलय पूरा हो गया है. इसके साथ देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अस्तित्व में आई है

Updated On: Aug 31, 2018 04:34 PM IST

Bhasha

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एक हुए Vodafone-Idea, अब एयरटेल नंबर वन नहीं

आइडिया सेल्यूलर और वोडाफोन इंडिया का विलय पूरा हो गया है. इसके साथ देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी अस्तित्व में आई है जिसके ग्राहकों की संख्या 40.8 करोड़ है. दोनों कंपनियों ने शुक्रवार को यह कहा.

दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि विलय के बाद बनी 'वोडाफोन आइडिया लि.' के लिए नया निदेशक मंडल बनाया गया है. इसमें 12 निदेशक (छह स्वतंत्र निदेशक शामिल) और कुमार मंगलम बिड़ला उसके चेयरमैन होंगे. निदेशक मंडल ने बालेश शर्मा को सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) नियुक्त किया है.

कंपनी के पास आय के हिसाब से 32.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी होगी और नौ दूरसंचार सर्किल में पहले पायदान पर होगी. दोनों ब्रांड वोडाफोन और आइडिया ब्रांड बने रहेंगे.

दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. अपने बड़े आकार के साथ भारती एयरटेल को पीछे छोड़ देगी जो फिलहाल देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है. रिलायंस जियो के बाजार में आने के साथ दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हुई है.

कंपनी का ब्राडबैंड नेटवर्क 3.4 लाख साइट जबकि वितरण नेटवर्क 17 लाख होगा. बयान के अनुसार, 'विलय से सालाना 14,000 करोड़ रुपए की आय सृजित होने का अनुमान है.' कंपनी का शुद्ध कर्ज 30 जून 2018 को 1,09,200 करोड़ रुपए था.

इस विलय के साथ दो लाख मोबाइल साइट और करीब 2.35 लाख किलोमीटर फाइबर के साथ 1,850 मेगाहर्ट्ज का व्यापक स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो होगा. इससे ग्राहकों को बातचीत और ब्राडबैंड के मामले में पहले से बेहतर सेवा मिल पाएगी. कुल मिलाकर यह देश की 92 प्रतिशत आबादी को कवर करेगी और इसकी पहुंच 5,00,000 शहरों तथा गांवों में होगी.

आदित्य बिड़ला समूह और वोडाफोन आइडिया लि. के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, 'आज हमने देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी सृजित की है. वास्तव में यह ऐतिहासिक क्षण है. वोडाफोन आइडिया के रूप में हम अंतरराष्ट्रीय साख, पैमाना और मानदंड वाली कंपनी के लिये भागीदारी कर रहे हैं.'

नई कंपनी के सीईओ बालेश शर्मा ने कहा, 'हम अपने खुदरा और कंपनी ग्राहक दोनों को बेहतर सेवा देने को लेकर प्रतिबद्ध हैं. हम उनकी उभरती डिजिटल और संपर्क जरूरतों को नये उत्पादों, सेवाओं और समाधान के जरिए पूरा करेंगे.'

आइडिया ने नियामकीय सूचना में कहा कि विलय से जुड़ी सभी औपचारिकताओं के बाद कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लि. होगा. विलय बाद आइडिया सेल्यूलर की चुकता शेयर पूंजी बढ़कर 8,735.13 करोड़ रुपए होगी.

हसमुख कपानिया आइडिया सेल्यूलर के प्रबंध निदेशक पद से 31 दिसंबर 2018 से हट गये हैं. लेकिन वह नई कंपनी में गैर-कार्यकारी निदेशक होंगे.

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