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अप्रैल, 2020 से पहले BS-6 मानकों पर खरा उतरने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रही है मारुति

भारत स्टेज उत्सर्जन मानक वे मानक हैं जो सरकार ने मोटर वाहनों से पर्यावरण में होने वाले प्रदूषक तत्वों के नियमन के लिए बनाए हैं

Updated On: Nov 25, 2018 03:50 PM IST

FP Staff

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अप्रैल, 2020 से पहले BS-6 मानकों पर खरा उतरने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रही है मारुति

मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) बीएस-6 मानकों के अनुरूप वाहनों के विनिर्माण के लिए ‘अतिरिक्त’ प्रयास कर रही है. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इन कड़े उत्सर्जन नियमों को पूरा करने के लिए वह 15 से अधिक मॉडलों के लिए 40 तरह के पावरट्रेन संस्करण बनाने पर काम कर रही है. उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार एक अप्रैल, 2020 से सिर्फ बीएच-6 अनुपालन वाले मॉडल ही बेचे जा सकेंगे.

कंपनी ने तय समयसीमा से पहले बीएस-6 मानकों पर खरा उतरने के लिए अपने इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी टीमों को भी लगाया है.मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक सी वी रमन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, 'हम बहुत मेहनत कर रहे हैं, हम अतिरिक्त समय में भी काम कर रहे हैं. किसी भी अन्य विनिर्माता के पास इस तरह का काम नहीं है. हमारे पास सबसे अधिक मॉडल और पावरट्रेन हैं.'

बीएस-6 वाहन पर्यावरण में होने वाले प्रदूषक तत्वों को कम करने के लिए लाए जा रहे हैं

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में एक अप्रैल, 2020 से भारत स्टेज-4 (बीएस-4) श्रेणी के वाहन नहीं बेचे जाने का आदेश दिया था. भारत स्टेज उत्सर्जन मानक वे मानक हैं जो सरकार ने मोटर वाहनों से पर्यावरण में होने वाले प्रदूषक तत्वों के नियमन के लिए बनाए हैं. इसके बाद अब सिर्फ स्टेज-6 (बीएस-6) वाहन ही पूरे भारत में बिकेंगे. नए नियम 1 अप्रैल 2020 से लागू होंगे.

दिल्ली देश का पहला राज्य है जिसमें बीएस-4 पेट्रोल और बीएस-6 के वाहन चलने शुरू हुए थे. नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद की तरह 13 अन्य सिटी मुंबई, चेन्नई, बंग्लौर, हैदराबाद और पुणे भी बीएस-6 ग्रेड फ्यूल अगले साल जनवरी से इस्तेमाल करेगा. वहीं पूरे देश में इसे अप्रैल 2020 से लागू किया जाएगा.

(भाषा से इनपुट)

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