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फॉर्च्यून '40 अंडर 40': ये हैं बिजनेस की दुनिया के सबसे प्रभावशाली युवा महानायक

फॉर्च्यून मैगजीन ने पहली बार सबसे प्रभावशाली और युवा महानायकों की 'पूरक सम्मान सूची' तैयार की है, इस सूची में भारतीय मूल के 4 लोग शामिल हैं जिनमें 3 महिलाएं हैं

Updated On: Jul 25, 2018 03:30 PM IST

Bhasha

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फॉर्च्यून '40 अंडर 40': ये हैं बिजनेस की दुनिया के सबसे प्रभावशाली युवा महानायक

तीन महिलाओं समेत भारतीय मूल के चार लोगों को फॉर्च्यून की बिजनेस के क्षेत्र में 40 सबसे प्रभावशाली और प्रेरणादायक युवाओं की सूची में शामिल किया गया है. ये वे लोग हैं जिनकी उम्र 40 साल से कम है.

इंस्टाग्राम के सह-संस्थापक और सीईओ केविन सिस्ट्रॉम (34) और फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग (34) के बीच पहले पायदान के लिए मुकाबला बराबरी का रहा. फॉर्च्यून की '40 अंडर 40' सूची में दोनों को पहले स्थान पर रखा गया है.

वहीं अमेरिकी की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स की सीईओ भारतीय मूल की दिव्या सूर्यदेवरा को सूची में चौथे पायदान पर रहीं. इसके बाद विमेयो की सीईओ अंजलि सूद (14 वें), रॉबिनहुड के सह-संस्थापक और सह-सीईओ बाईजू भट्ट (24 वें) और फीमेल फाउंडर्स फंड की संस्थापक सहयोगी अनु दुग्गल (32 वें) को रखा गया है.

ये लोग भी हैं लिस्ट में

फॉर्च्यून मैगजीन ने पहली बार सबसे प्रभावशाली और युवा महानायकों की 'पूरक सम्मान सूची' तैयार की है. ये लोग वित्त और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतरीन काम करके व्यवसाय में बदलाव ला रहे हैं.

सूची में रिप्पल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष बिड़ला, डिजिटल वॉलेट क्वाइनबेस के मुख्य तकनीकी अधिकारी बालाजी श्रीनिवासन , एमआईटी डिजीटल मुद्रा पहल की निदेशक नेहा नरूला और क्वाइनबेस की वरिष्ठ वरिष्ठ उपाध्यक्ष (परिचालन) टीना भटनागार भी शामिल हैं.

फॉर्च्यून ने कहा कि 39 वर्षीय सूर्यदेवरा ने उस वक्त इतिहास बनाया जब यह घोषणा की गई कि वह इस वर्ष के अंत में जनरल मोटर्स की पहली महिला सीएफओ बनेंगी.

सूद (34 वर्षीय) 2014 में वीडियो शेयरिंग वेबसाइट विमेयो से मार्केटिंग प्रमुख के तौर पर जुड़े थे और पिछले वर्ष उन्हें सीईओ बनाया गया है. उन पर विमेयो को क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म बनाने की जिम्मेदारी है.

वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी रॉबिनहुड की स्थापना बैजू भट्‌ट ने 2013 में की थी. पांच साल बाद कंपनी का कैप्टिलाइजेशन उछलकर 5.6 बिलियन डॉलर हो गया. इस साल उनकी कंपनी ने बिटकॉइन जैसी अन्य क्रिप्टोकरंसी में भी काम शुरू कर दिया है.

दुग्गल ने 2014 में महिला नेतृत्व वाली प्रौद्योगिकी कंपनी में निवेश के लिए फीमेल फाउंडर्स फंड की स्थापना की थी. शुरुआत में उन्होंने 50 लाख डॉलर की पूंजी जुटाई थी. इस साल मई तक दूसरे चरण के फंडिंग के लिए उन्होंने 2.7 करोड़ डॉलर जुटाए हैं.

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