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मैक्रो इकोनॉमिक इंस्टैबिलिटी यूपीए सरकार के समय उच्चस्तर पर थी: भल्ला

भल्ला ने कहा कि अफवाहें चल रही हैं कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में सबसे ऊंची वृद्धि दर थी. ऐसे में नीतिगत मोर्चे पर किसी तरह की जड़ता की स्थिति नहीं थी. नए जीडीपी आंकड़ों से यह वास्तविकता नहीं बदलती है कि मैक्रो इकोनॉमिक इंस्टैबिलिटी यूपीए के दौरान सबसे ऊंची थी

Updated On: Aug 18, 2018 07:10 PM IST

Bhasha

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मैक्रो इकोनॉमिक इंस्टैबिलिटी यूपीए सरकार के समय उच्चस्तर पर थी: भल्ला
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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्य सुरजीत भल्ला ने शनिवार को कहा कि नए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों से यह सचाई नहीं बदल सकती कि पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल में ‘वृहद आर्थिक अस्थिरता (macro-economic instability)’ सबसे उच्चस्तर पर थी.’

नेशनल स्टैस्टिकल कमीशन द्वारा गठित रियल सेक्टर स्टैस्टिक्स पर समिति द्वारा तैयार पिछली श्रृंखला के आंकड़ों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 2006-07 के दौरान 10.08 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी, जो 1991 के उदारीकरण के बाद सबसे ऊंची वृद्धि दर है.

भल्ला ने ट्वीट किया, ‘अफवाहें चल रही हैं कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में सबसे ऊंची वृद्धि दर थी. ऐसे में नीतिगत मोर्चे पर किसी तरह की जड़ता की स्थिति नहीं थी. नए जीडीपी आंकड़ों से यह वास्तविकता नहीं बदलती है कि मैक्रो इकोनॉमिक इंस्टैबिलिटी यूपीए के दौरान सबसे ऊंची थी, इन्फ्लेशन सबसे ऊपर थी. केंद्र और राज्यों का वित्तीय घाटा सबसे ऊंचा था. भ्रष्टाचार चरम पर था और नीतिगत मोर्चे पर ठहराव आ गया था.’

यह रिपोर्ट मिनिस्ट्री ऑफ स्टैस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन की वेबसाइट पर जारी की गई है. इस रिपोर्ट में पुरानी श्रृंखला (2004-05) और नई श्रृंखला 2011-12 के मूल्य पर वृद्धि दर की तुलना की गई है. पुरानी श्रृंखला के अनुसार 2006-07 में वृद्धि दर 9.57 प्रतिशत बैठती है. वहीं नई श्रृंखला के हिसाब से यह 10.08 प्रतिशत बैठती है.

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