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जेपी ने सुप्रीम कोर्ट से यमुना एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से हटने की इच्छा जताई

कोर्ट उत्तर प्रदेश के नोएडा में जेपी विशटाउन प्रोजेक्ट के 40 से ज्यादा घर खरीददारों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है

Bhasha Updated On: Oct 13, 2017 08:28 PM IST

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जेपी ने सुप्रीम कोर्ट से यमुना एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से हटने की इच्छा जताई

परेशानियों से घिरे जेपी समूह ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह धन जुटाने के लिए करोड़ों रुपए की यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना से ‘अलग होना’ चाहता है.

जेपी एसोसिएट्स ने कोर्ट को बताया कि उसके पास 2,500 करोड़ रुपए की पेशकश है. उसने कोर्ट से इस परियोजना को किसी दूसरी कंपनी को देने की अनुमति मांगी है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई. चंद्रचूड की पीठ ने कहा कि वह 23 अक्तूबर को मामले की सुनवाई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने जेपी इंफ्राटेक की मूल कंपनी जेपी एसोसिएट्स से घर खरीददारों को भुगतान करने के लिए 27 अक्तूबर तक कोर्ट की रजिस्ट्री में 2,000 करोड़ रुपए जमा कराने का निर्देश दिया था.

विशटाउन परियोजना के घर खरीददारों की याचिका पर चल रही सुनवाई

कोर्ट उत्तर प्रदेश के नोएडा में जेपी विश टाउन परियोजना के 40 से ज्यादा घर खरीददारों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिन्होंने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी थी.

कोर्ट ने 11 सितंबर को जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही फिर से शुरू की थी और उसके प्रबंधन की जिम्मेदारी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की ओर से नियुक्त अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) को तुरंत प्रभाव से देने का आदेश दिया था.

न्यायालय ने कंपनी के प्रबंध निदेशक और निदेशकों को अनुमति के बगैर विदेश जाने से रोक दिया था और घर खरीददारों के हितों की रक्षा करने के लिए जेपी एसोसिएट्स को रजिस्ट्री में 2,000 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया था.

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