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महंगी सब्जियों, ईंधन के चलते जून में थोक महंगाई दर रही 5.77 फीसदी

बिजली और ईंधन क्षेत्र की मुद्रास्फीति दर जून में बढ़कर 16.18 फीसदी हो गई जोकि मई में 11.22 फीसदी थी.

Updated On: Jul 16, 2018 04:03 PM IST

Bhasha

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महंगी सब्जियों, ईंधन के चलते जून में थोक महंगाई दर रही 5.77 फीसदी

मुख्य रूप से सब्जियों और ईंधन के महंगा होने से मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा है. थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति जून में बढ़ कर 5.77 फीसदी पर पहुंच गई जबकि मई में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 4.43 फीसदी और पिछले साल जून में 0.90 फीसदी थी.

सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं के वर्ग में मुद्रास्फीति जून 2018 में 1.80 फीसदी रही जो मई में 1.60 फीसदी थी. सब्जियों के भाव सालाना आधार पर 8.12 फीसदी ऊंचे रहे. मई में सब्जियों की कीमतें 2.51 फीसदी बढ़ी थीं.

बिजली और ईंधन क्षेत्र की मुद्रास्फीति दर जून में बढ़कर 16.18 फीसदी हो गई जो मई में 11.22 फीसदी थी. इसकी प्रमुख वजह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ना है. इस दौरान आलू की कीमतें एक साल पहले की तुलना में 99.02 फीसदी ऊंची चल रही थीं. मई में आलू में मुद्रास्फीति 81.93 फीसदी थी. इसी प्रकार प्याज की महंगाई दर जून में 18.25 फीसदी रही है जो इससे पिछले महीने 13.20% थी.

दालों के दाम में गिरावट बनी हुई है. जून में दाल दलहनों के भाव सालाना आधार पर 20.23 फीसदी घट गए थे. सरकार ने अप्रैल की थोक मूल्य मुद्रास्फीति को संशोधित कर 3.62 फीसदी कर दिया है. प्रारंभिक आंकड़ों में इसके 3.18 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था. पिछले हफ्ते खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी हुए थे. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जून में पांच प्रतिशत रही जो पांच महीने का उच्च स्तर है.

उल्लेखनीय है कि देश की मौद्रिक नीति को तय करने में भारतीय रिजर्व बैंक मुख्यत: खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इस्तेमाल करता है. बढ़ती महंगाई दर रिजर्व बैंक के अनुमान के मुताबिक ही है. बैंक ने अपने ताजा अनुमान में अक्टूबर-मार्च छमाही में खुदरा महंगाई दर 4.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. इससे पहले उसका पूर्वानुमान 4.4 फीसदी था.

मौद्रिक नीति समीक्षा की पिछली बैठक में रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोत्तरी की थी. केंद्रीय बैंक ने चार साल बाद नीतिगत दर में वृद्धि की है. मौद्रिक नीति समिति की अगली तीन दिवसीय समीक्षा बैठक 30 जुलाई से एक अगस्त के बीच होगी.

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