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1 अप्रैल से बदलेंगे टैक्स के ये नियम, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर

आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने टैक्स के नियमों में कई बदलाव किए थे जो नए वित्त वर्ष के शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे

FP Staff Updated On: Mar 31, 2018 04:36 PM IST

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1 अप्रैल से बदलेंगे टैक्स के ये नियम, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर

इस साल आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने टैक्स के नियमों में कई बदलाव किए थे. वो सारे बदलाव नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे हैं. वित्त मंत्री ने करदाताओं को कई छूट दी है तो कई मामलों में टैक्स को बढ़ा भी दिया है जिसका सीधा असर वेतनभोगी लोगों पर पड़ेगा. आइए जानते हैं क्या-क्या हो रहे बदलाव और आप पर क्या होगा इसका असर...

40,000 हजार रुपए का नया स्टैंडर्ड डिडक्शन

इस बार बजट पेश करते हुए अरुण जेटली ने स्टैंडर्ड डिडक्शन का प्रस्ताव रखा था. यह डिडक्शन मौजूदा ट्रांसपोर्ट एलाउंस (19,200 रुपए) और मेडिकल री-इम्बर्समेंट (15,000 रुपए) का स्थान ले लेगा.

इस स्टैंडर्ड डिडक्शन से 2.5 करोड़ वेतनभोगी लोगों को लाभ मिलेगा. इसका असर यह होगा कि वेतनभोगियों के कर देने वाले आय से 40,000 रुपए को सीधे तौर पर कम कर दिया जाएगा.

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन

एक साल से ज्यादा के निवेश में मुनाफे पर 10% टैक्स और इस पर 4% सेस लगेगा. अभी तक लॉन्ग टर्म निवेश पर टैक्स नहीं था. एक साल में कैपिटल गेन एक लाख रुपए तक है तो टैक्स नहीं लगेगा.

डिविडेंड आय पर भी 10% टैक्स लगेगा

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के डिविडेंड पर 10% की दर से टैक्स लगेगा. म्यूचुअल फंड कंपनी निवेशक को डिविडेंड देते समय ही टैक्स की रकम काटेगी. टैक्स जमा करने की जिम्मेदारी निवेशक की नहीं होगी.

सेस में बढ़ोत्तरी

1 अप्रैल से इनकम टैक्स पर सेस में बढ़ोत्तरी हो रही है. स्वास्थ्य और शिक्षा पर लगने वाला सेस 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है.

टैक्सेबल इनकम 5 लाख रु है, तो सेस 125 रु. ज्यादा लगेगा. 15 लाख की टैक्सेबल इनकम पर देनदारी 2,625 रुपए बढ़ेगी.

सिंगल प्रीमियम वाली हेल्थ पॉलिसी योजना पर ज्यादा छूट

सिंगल प्रीमियम वाली पॉलिसी अगर एक साल से अधिक के लिए है तो हर साल समान अनुपात में प्रीमियम पर टैक्स छूट ले सकते हैं. उदाहरण के लिए दो साल के बीमा कवर के लिए 40,000 रुपए प्रीमियम दिया तो दो साल 20-20 हजार रुपए पर टैक्स छूट ले सकेंगे. अभी 25,000 रुपए की सीमा है.

वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स में मिलेगा ज्यादा छूट

सीनियर सिटीजंस के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस जमा (एफडी, रेकरिंग) पर 50,000 रुपए तक का ब्याज टैक्स-फ्री होगा. अभी तक 10,000 रुपए तक का ब्याज टैक्स-फ्री था.

वय वंदना योजना में निवेश सीमा दोगुनी

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत निवेश सीमा 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है. इस योजना को 31 मार्च 2020 तक बढ़ाया गया है. इस योजना में जमा पर 8% का निश्चित ब्याज मिलता है.

ई-वे बिल

एक राज्य से दूसरे राज्य में माल ले जाने के लिए ई-वे बिल जरूरी होगा. गाड़ी में रखे माल की कीमत 50,000 रुपए से कम है तो बिल नहीं चाहिए. टैक्स से छूट वाली वस्तुओं की कीमत इसमें नहीं जुड़ेगी. सप्लायर के अलावा ट्रांसपोर्टर, कूरियर एजेंसी और ई-कॉमर्स ऑपरेटर भी बिल जेनरेट कर सकते हैं.

नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड

नए वित्त वर्ष से नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड 115 भी लागू होंगे. इससे रेवेन्यू की अकाउंटिंग ज्यादा पारदर्शी होगी. इसी के साथ पुराने दो स्टैंडर्ड 18 और 11 खत्म हो जाएंगे.

इलाज पर खर्च के लिए टैक्स में छूट बढ़ी

नौकरीपेशा लोगों के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगा. सरकार ने बड़ी राहत देते हुए इलाज पर खर्च के लिए टैक्स छूट बढ़ा दी है. अब इलाज पर लोगों को 1 लाख रुपए तक की टैक्स छूट मिलेगी. फिलहाल इसके तहत 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 60,000 रुपए और 80 साल से ज्यादा के लोगों को 80,000 हजार रुपए की टैक्स छूट मिलती है.

एसबीआई: मिनिमम बैलेंस चार्ज कम लगेगा

एसबीआई ने बैंक खाते में एवरेज मंथली बैलेंस न होने पर लगने वाला चार्ज कम किया है. नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी. शहरी क्षेत्रों में शुल्क 50 रु की जगह 15 रु, अर्धशहरी क्षेत्रों में 40 की जगह 12 रु और गांव-कस्बों में 40 की जगह 10 रु होगा. इस शुल्क पर 18% जीएसटी भी लगेगा.

कॉर्पोरेट टैक्स रेट में कटौती

सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स रेट में भी कटौती की है. इसके तहत 250 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली कंपनियों को अब 25 फीसदी ही टैक्स देना पड़ेगा. पहले यह 30 प्रतिशत था.

बेस रेट पर लोन लेने वालों को एमसीएलआर का लाभ

बेस रेट आधारित लोन की पुरानी व्यवस्था 1 अप्रैल से एमसीएलआर से जुड़ जाएगी. बैंक हर महीने एमसीएलआर में संशोधन करते हैं. इस तरह बेस रेट पर लिए गए लोन की ईएमआई में भी बदलाव होगा.

सेल्फ-एंप्लॉयड की एनपीएस निकासी पर छूट

सेल्फ-एंप्लॉयड लोग एनपीएस से पैसे निकालेंगे तो 40% हिस्से पर टैक्स नहीं लगेगा. अभी तक यह सुविधा वेतनभोगियों के लिए थी.

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