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ITR फाइल करने में हुई देरी तो जानिए क्या होगा?

अंतिम तारीख के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना नहीं लगता था, लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा. सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में नया सेक्शन 234F जोड़ा है. इसमें अंतिम तिथि के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगेगा

Updated On: Aug 30, 2018 02:58 PM IST

FP Staff

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ITR फाइल करने में हुई देरी तो जानिए क्या होगा?

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त, 2018 कर दी थी. इससे पहले आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी.

अब सवाल है कि अगर आप 31 अगस्त 2018 तक ITR फाइल नहीं कर पाए तो कितना जुर्माना लगेगा? इससे पहले अंतिम तारीख के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना नहीं लगता था, लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा. सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में नया सेक्शन 234F जोड़ा है. इसमें अंतिम तिथि के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगेगा.

यह जुर्माना सीधा 10 हजार रुपए नहीं होगा इसमें भी तीन तरीके से जुर्माना लगेगा. यदि आप ITR 31 दिसंबर से पहले फाइल करते हैं तो 5 हजार रुपए जुर्माना देना होगा. वहीं एक जनवरी के बाद ITR फाइल करने पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगेगा. वहीं आपकी आय अगर 5 लाख रुपए से कम है तो आपको अधिकतम एक हजार रुपए जुर्माना देना होगा.

कैसे करें शुरुआत

ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए इस पेज पर क्लिक करें. अगर आपने पहले कभी आईटीआर नहीं भरा है तो सबसे पहले खुद को रजिस्टर करें. खुद को रजिस्टर करने के लिए पैनकार्ड की जरूरत है. यहां रजिस्ट्रेशन के दौरान बाकी सभी जानकारियों के साथ आप अपना पासवर्ड भी तय करते हैं.

रजिस्टर योर सेल्फ पर क्लिक करने के बाद एक पेज खुलेगा. इसमें नाम, पैनकार्ड, जन्मतिथि की जानकारी देने के बाद आपके मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर अलग-अलग पासवर्ड आएगा. यह पासवर्ड डालने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा.

लॉगइन करके शुरू करें काम

अब आप लॉगइन करने के लिए तैयार हैं. लॉगइन आईडी आपका पैनकार्ड नंबर होगा और पासवर्ड जो आपने रजिस्ट्रेशन के दौरान तय किया है वह होगा. लॉगइन करते हुए आप असेसमेंट ईयर में वही साल डालेंगे जिस साल में आईटीआर भर रहे होंगे. मसलन इस साल आईटीआर फाइल करने के लिए असेसमेंट ईयर 2018-19 होगा. अगर आपकी कमाई का जरिया सैलरी है तो आईटीआर-1 भरना होगा. उसके बाद प्रीपेयर एंड सबमिट करें. पेज को जब नीचे स्क्रोल करेंगे तो आधार ओटीपी का ऑप्शन होगा. आधार नंबर डालकर क्लिक करें. इससे आईटीआर रिटर्न को आधार से जोड़ने का काम भी पूरा हो जाएगा.

आईटीआर फाइल करने की शुरुआत सबसे पहले जनरल इंफॉर्मेशन की साथ होती है. इसमें बर्थडे, एड्रेस, एंप्लॉयी कैटेगरी सहित कुछ दूसरी जानकारियां मुहैया करानी पड़ती है. इसके बाद दूसरे टैब पर क्लिक करें जो कंप्यूटेशन ऑफ इनकम एंड टैक्स है. इसमें आपको अपनी टैक्सेबल इनकम और निवेश की जानकारी देनी पड़ती है. इसी आधार पर यह कैलकुलेट होगा कि टैक्स कितना चुकाना होगा. इसके बाद टैक्स डिटेल का टैब क्लिक करें. इसमें आपको अपनी तरफ से कोई जानकारी नहीं देनी है. आपकी कंपनी ने जितना टैक्स काटा होगा वह यहां नजर आएगा. इसके बाद टैक्स पेड एवं वेरिफिकेशन के टैब पर क्लिक करें.

इसमें आपको नजर आएगा कि कितना टैक्स चुकाना है और कितना रिफंड है. इसी पेज के नीचे की तरफ बैंक खातों और ब्याज की जानकारी देनी होगी. अगर ब्याज 10 हजार रुपए से कम है तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. आखिरी टैब में 80G है. यह सेगमेंट छूट का है. जी हां, अगर आपने किसी प्रमाणित संस्था में दान दिया है तो आपकी उस रकम पर टैक्स नहीं देना होगा. पूरा फॉर्म भरने के बाद चेक करें और सबमिट करें.

इस तरह आईटीआर सबमिट करने के बाद एक काम और बाकी है. वह है इसके वैरिफिकेशन का. माय एकाउंट के टैब पर क्लिक करे, फिर 'View e file return form' पर क्लिक करें. इसके बाद एक बॉक्स में दिए गए विकल्पों में से इनकम टैक्स रिटर्न सेलेक्ट करके क्लिक करे. आपके सामने रिटर्न वेरिफाइड का विकल्प आएगा. उस पर क्लिक करके आधार से वैरिफाइड करने का विकल्प चुनें. आपके मोबाइल पर आया कोड डालें और आपका रिटर्न का काम पूरा हुआ.

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