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आयकर विभाग ने जारी किया नया डेटा, सैलरी क्लास की वजह से बढ़ा है टैक्स कलेक्शन

चार्टर्ड अकाउंटेंट जो लोगों को निजी रूप से हो या फिर कंपनियों के टैक्स मामलों में सलाह देते हैं, उनमें भी तीन में से सिर्फ एक ही इनकम टैक्स जमा करता है

Updated On: Oct 23, 2018 10:49 AM IST

FP Staff

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आयकर विभाग ने जारी किया नया डेटा, सैलरी क्लास की वजह से बढ़ा है टैक्स कलेक्शन
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देश में करीब 8.6 लाख डॉक्टर मौजूद हैं, जिनमें से आधे से भी कम डॉक्टरों ने इनकम टैक्स का भुगतान किया है. यही नहीं, बात की जाए चार्टर्ड अकाउंटेंट की, जो लोगों को निजी रूप से हो या फिर कंपनियों के टैक्स मामलों में सलाह देते हैं, उनमें भी तीन में से सिर्फ एक ही इनकम टैक्स जमा करता है. प्रत्येक किलोमीटर में आपको नर्सिंग होम तो आसानी से मिल जाएंगे, जिनमें से सिर्फ 13 हजार ने टैक्स जमा किया होगा जबकि इनसे ज्यादा इनकम टैक्स तो फैशन डिजाइनरों (14500) ने भरा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बीते  सोमवार को आयकर विभाग की ओर से जरी किए गए डेटा के अनुसार वेतनभोगी, जिनका टैक्स काट लिया जाता है और गैर वेतनभोगियों के बीच बहुत बड़ा अंतर देखा गया है.

आईटीआर रिटर्न्स में 80 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है

पिछले चार सालों के दौरान फाइल किए गए आईटीआर रिटर्न्स में 80 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है और यह 2013-14 के 3.79 करोड़ से बढ़कर 2017-18 में 6.85 करोड़ हो गया है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का दावा है कि व्यक्तिगत करोड़पतियों में 68 फीसदी का इजाफा हुआ है. सालाना 5.2 लाख रुपए पर गैर-वेतनभोगी की औसत वार्षिक आय वेतनभोगी करदाताओं के लगभग 75 फीसदी है, जो 6.8 लाख रुपए तक बढ़ जाती है. गैर वेतनभोगियों की तुलना में वेतनभोगी करदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है. हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों की गिनती 2.3 करोड़ ही है.

वेतनभोगी और गैर वेतनभोगी श्रेणी के करदाताओं की औसत आय बढ़ी

वेतनभोगी और गैर-वेतनभोगी श्रेणी के करदाताओं की औसत आय भी बढ़ी है. सीबीडीटी द्वारा कहा गया है कि वेतनभोगी करदाताओं द्वारा घोषित औसत आय का आंकड़ा 19 प्रतिशत बढ़कर 5.76 लाख रुपए से 6.84 लाख रुपए हो गया है. इस अवधि में गैर वेतनभोगी करदाताओं की औसत आय 27 प्रतिशत बढ़कर 4.11 लाख रुपए से 5.23 लाख रुपए हो गई है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा, 'हम तमाम माध्यमों से प्राप्त डेटा लगातार देख रहे हैं. हम लगातार प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण भी कर रहे हैं.'

ईमानदार करदाताओं का सम्मान और उनकी हमेशा मदद की जाए

सीबीडीटी ने बयान में कहा कि कॉर्पोरेट करदाताओं की बात की जाए, तो 2014-15 में इस श्रेणी के करदाताओं ने जहां औसतन 32.28 रुपए का कर चुकाया था, वहीं आकलन वर्ष 2017-18 में यह 55 प्रतिशत बढ़कर 49.95 लाख रुपए हो गया है. सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि ईमानदार करदाताओं का सम्मान और उनकी हमेशा मदद की जाए. वहीं कर चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी और अभियोजन कार्रवाई की जाएगी.

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