S M L

थोड़ी सी चूक पर मिल सकता है IT विभाग का नोटिस, जानिए क्यों?

वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में इनकम टैक्‍स विभाग ने करीब 1 करोड़ लोगों को टैक्‍स नेट में जोड़ा है

FP Staff Updated On: Apr 07, 2018 08:22 PM IST

0
थोड़ी सी चूक पर मिल सकता है IT विभाग का नोटिस, जानिए क्यों?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स चोरी करने वालों की पहचान करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इस कदम के बाद डिपार्टमेंट अब आसानी से टैक्स चोरी करने वालों की पहचान कर लेगा और उन्हें फौरन नोटिस भेजेगा. मौजूदा समय में टैक्स चोरी करने वालों की पहचान में लंबा समय लगता है.

वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में इनकम टैक्‍स विभाग ने करीब 1 करोड़ लोगों को टैक्‍स नेट में जोड़ा है. यानी लगभग 1 करोड़ लोगों ने पहली बार इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल किया है. इनकम टैक्‍स विभाग ने पिछले वित्‍त वर्ष में 1 करोड़ 20 लाख नए इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलर्स टैक्‍स नेट में जोड़ने का लक्ष्‍य तय किया था.

डिपार्टमेंट ने काम के बढ़ते बोझ को देखते हुए आउटसोर्सिंग का बजट बढ़ा कर दोगुना कर दिया है. इससे इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट आउटसोर्सिंग के जरिए ज्‍यादा डेटा एंट्री ऑपरेटर को काम पर रख पाएगा और इससे इनकम टैक्‍स विभाग का काम तेज गति से होगा. डिपार्टमेंट आउटसोर्सिंग पर अब 60 लाख रुपए तक खर्च कर सकेगा. पहले इसकी सीमा 30 लाख रुपए थी. इस तरह से अब वह आउटसोर्सिंग पर पहले की तुलना में दोगुना पैसा खर्च कर सकता है.

इससे अब इनकम टैक्‍स विभाग काम के बढ़ते बोझ को देखते हुए ज्‍यादा डेटा एंट्री ऑपरेटर को काम पर रख रहा है. इससे बेनामी प्रॉपर्टी रखने वालों की पहचान करने और उनको नोटिस भेजने के काम में तेजी आएगी.

इनकम टैक्‍स रिटर्न के असेसमेंट का काम नियमित कर्मचारी करते हैं. लेकिन इसके लिए उनको जो डेटा चाहिए उसकी प्रोसेसिग में तेजी आएगी. इसका असर असेसमेंट और नोटिस भेजने की प्रक्रिया पर भी पड़ेगा. यानी असेसमेंट का काम और इनकम टैक्‍स नोटिस भेजने के काम में तेजी आएगी.

आउटसोर्सिंग पर बजट हुआ दोगुना

मौजूदा समय में देशभर में कुल 250 एडमिनिस्‍ट्रेवि कमिश्‍नर हैं. इस हिसाब से देखें तो 250 एडमिनिस्‍ट्रेटिव कमिश्‍नर आउटसोर्सिंग पर एक साल में कुल 150 करोड़ रुपए खर्च कर सकेंगे. पहले यह बजट 75 करोड़ रुपए था. अधिकारी के मुताबिक नोटबंदी के बाद इनकम टैक्‍स विभाग का काम बहुत बढ़ गया है. इस लिए आउटसोर्सिंग पर बजट बढ़ाए जाने की जरूरत थी.

आउटसोर्सिंग के तहत डेटा एंट्री ऑपरेटर को नियुक्‍त किया जाता है और ये डेटा एंट्री ऑपरेटर डाट एंट्री का काम करते हैं. अब इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ज्‍यादा डेटा एंट्री ऑपरेटर को काम पर लगा सकेगा. इससे इनकम टैक्‍स विभाग डेटा से जुड़े प्रॉसेस को तेजी से आगे बढ़ा पाएगा.

सीबीडीटी ने पहले ही नोटबंदी के बाद बैंक में हुए ट्रांजैक्‍शन और इसमें सामने आए टैक्‍स चोरी करने के मामलों में नोटिस भेजने की समय सीमा 31 मई, 2018 तय की है. यानी 31 मई तक इनकम टैक्‍स विभाग को इनकम टैक्‍स नोटिस भेजने का काम पूरा करना होगा.

(साभार: न्यूज18 हिंदी)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Test Ride: Royal Enfield की दमदार Thunderbird 500X

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi