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डीजल-पेट्रोल पर 50% से ज्यादा टैक्स चुकाते हैं भारतीय

दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे ज्यादा पेट्रोल की कीमत भारत में है

FP Staff Updated On: May 21, 2018 09:28 PM IST

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डीजल-पेट्रोल पर 50% से ज्यादा टैक्स चुकाते हैं भारतीय

कच्चे तेल की स्थिर कीमतों के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. इसकी सीधी वजह है पेट्रोल और डीजल पर लगाया गया 50 फीसदी से अधिक का टैक्स. बीते साल 2016 के जून से ईंधन की कीमतों में रोज बदलाव करने के नए नियम के बाद 21 मई तक खुदरा कीमतों में 11.09 रुपए प्रति लीटर बढ़ोत्तरी हुई है. 21 मई को, रिफाइनरियों ने पेट्रोल का उत्पादन 37.19 रुपए प्रति लीटर के दाम पर किया, जबकि राज्य और केंद्र सरकार ने हर लीटर पर 35.76 रुपए कमाई की.

इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड द्वारा कीमत तय किए जाने वाले मानक के मुताबिक, 21 मई के दिन डीलरों को 37.19 रुपए में प्रति लीटर पेट्रोल दिया गया. इसके बाद 25.44 फीसदी उत्पाद शुल्क, 4.72 फीसदी डीलर कमीशन और 21.26 फीसदी वैट जोड़े जाने पर इसकी कीमत दोगुनी हो गई. यह सब जुड़ने के बाद पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 76.57 रुपए पहुंच गई. कुल 51.44 फीसदी टैक्स के दाम में एड होता है.

जीएसटी के दायरे में नहीं हैं ईंधन 

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत को हर कैलकुलेशन के लिए मानक माना जाता है. हालांकि मुंबई और अन्य राज्यों की राजधानी में ईंधन की कीमतें जीएसटी के तहत नहीं आती. इनके कर में राज्य सरकार बदलाव कर सकती है. 21 मई को मुंबई में पेट्रोल की खुदरा कीमत 84.40 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.

जब भारत के टैक्स रेट की तुलना अन्य विकसित देशों और दक्षिण एशियाई राष्ट्रों से की जाए तो भी यह सबसे अधिक है. भारत में लगाए जाने वाला टैक्स यूरोपीय देश और बांग्लादेश की तुलना में भी ज्यादा है. बांग्लादेश 15 फीसदी ईंधन पर टैक्स के साथ 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स लगाता है जबकि यूरोपीय देशों में यह टैक्स 21 फीसदी है.

हालांकि, नॉर्वे और नीदरलैंड में भारत की तुलना में टैक्स रेट ज्यादा है.पड़ोसियों की तुलना में खुदरा कीमतों की लिस्ट में भारत सबसे ऊपर है. जबकि चीन में पेट्रोल की औसत दर 80.83 रुपए प्रति लीटर है. दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे ज्यादा पेट्रोल की कीमत भारत में है.

पाकिस्तान में सस्ता पेट्रोल

बांग्लादेश के साथ-साथ पाकिस्तान में प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 51.64 रुपए है, जबाकि श्रीलंका में यह कीमत 71.54 रुपए और अपने पड़ोसियों की तुलना में पेट्रोल की खुदरा कीमतें चार्ट में सबसे ऊपर थीं. चीन में औसत पेट्रोल दर 80.83 रुपए प्रति लीटर है. दक्षिण पूर्व एशिया में भारत में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा है. पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 51.64 रुपए, बांग्लादेश में 71.54 रुपए और श्रीलंका में 63.91 रुपए प्रति लीटर है.

भारत में पेट्रोल की कीमत मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलिपींस और नेपाल समेत 89 देशों से भी ज्यादा है. 167 देशों में पेट्रोल की साप्ताहिक कीमतों के मुताबिक, भारत प्रति लीटर 78.29 रुपए की औसत कीमत के साथ 90वें स्थान पर है. भारी तेल भंडार वाला ईरान 20.43 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल बेचता है. दूसरी तरफ आइसलैंड में पेट्रोल की कीमत 142.78 रुपए प्रति लीटर है.

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, भारत में रोजाना मजदूरी का 20.11% पेट्रोल लेना पड़ता है. ईंधन को खरीदने के सामर्थ्य के मामले में भारत सबसे खराब स्थान पर है. अध्ययन में 60 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का सर्वेक्षण किया गया जिसमें पाकिस्तान 59वें स्थान पर है.

खुदरा कीमतों में बढ़ोत्तरी की वजह अक्सर कच्चे तेल की कीमतों को बताया जाता है. वित्तीय वर्ष साल 2016-17 में भारत के लिए कच्चे तेल की कीमत 46.56 डॉलर प्रति बैरल थी जो साल 2017-18 के वित्तीय वर्ष में बढ़कर 56.43 डॉलर प्रति बैरल हो गई. साल 2018 के अप्रैल में कीमत 69.30 डॉलर प्रति बैरल बढ़ी.

भारत में तेल की कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं क्योंकि दुनिया का तीसरा बड़ा उपभोक्ता भारत है. साल 2016-17 के वित्तीय वर्ष में भारत में 194.2 मिलियन टन क्रूड का इस्तेमाल किया, जो बते वित्तीय वर्ष से 5 फीसदी ज्यादा था. भारत अपनी ईंधन की कुल जरूरतों का 78 फीसदी आयात करता है. इसके पास 230 मिलियन मेट्रिक टन की रिफाइनिंग कैपिसिटी है. बीते वित्तीय वर्ष में भारत ने 70 बिलियन डॉलर क्रूड ऑयल पर खर्च किया.

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