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सोमवार से एक हो जाएंगे आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया!

वोडाफोन-आइडिया के विलय को दूरसंचार विभाग की मंजूरी सोमवार को मिल सकती है. विलय के बाद इस नई कंपनी की संयुक्त कमाई 23 अरब डॉलर होगी और उसके ग्राहकों का आधार 43 करोड़ होगा

Bhasha Updated On: Jun 17, 2018 11:13 AM IST

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सोमवार से एक हो जाएंगे आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया!

सोमवार को वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर की विलय योजना को दूरसंचार विभाग की मंजूरी मिल सकती है. इस विलय के बाद कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लिमिटेड होगा. ग्राहक संख्या के हिसाब से भी यह देश की सबसे बड़ी मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनी हो जाएगी.

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘वोडाफोन-आइडिया के विलय को दूरसंचार विभाग की मंजूरी सोमवार को मिल सकती है.’ दोनों कंपनियों के विलय के बाद से नई कंपनी की संयुक्त कमाई 23 अरब डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक) होगी और उसके ग्राहकों का आधार 43 करोड़ होगा. इस तरह यह देश की सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी.

इस बढ़ी हुई ताकत से दोनों कंपनियों को बाजार प्रतिस्पर्धा (कॉम्पिटिशन) से निपटने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है. नई कंपनी रिलायंस जियो के आने के बाद टेलीकॉम बाजार आकर्षक पैकेज देकर ग्राहकों को तोड़ने-जोड़ने की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है. इससे मोबाइल इंटरनेट और कॉल सेवाओं की दरें काफी कम हो गई हैं.

आइडिया सेल्यूलर-वोडाफोन इंडिया पर संयुक्त रूप से 1.15 करोड़ का कर्ज

विलय में जा रही इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के लगभग बताया जा रहा है.

सूत्र ने एजेंसी को बताया कि विलय योजना की मंजूरी के लिए विभाग आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आइडिया सेल्यूलर से बैंक गारंटी लेगा. इसके अलावा कंपनी को यह भी भरोसा देना होगा कि ब्रिटेन के वाडाफोन समूह की कंपनी वोडाफोन इंडिया पर आगे भी कोई देनदारी निकलती है तो उसकी जिम्मेदारी आइडिया को पूरी करनी होगी.

आइडिया सेल्यूलर और वोडाफोन इंडिया के बीच विलय को लेकर पिछले साल सहमति बनी थी

आइडिया सेल्यूलर और वोडाफोन इंडिया के बीच विलय को लेकर पिछले साल सहमति बनी थी

दूरसंचार विभाग आईडिया सेल्यूलर के स्पेक्ट्रम के एकबारगी शुल्क के लिए 2100 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांग सकता है. इसके अलावा उसे यह भरोसा भी देना होगा कि वह अदालती आदेश के अनुसार स्पेक्ट्रम संबंधी सभी बकायों का निपटान करेगी.

स्पेक्ट्रम शुल्क टुकड़ों में भुगतान के लिए वोडाफोन इंडिया की 1 साल की बैंक गारंटी की जिम्मेदारी आइडिया को लेनी होगी. सूत्रों के अनुसार विभाग दोनों कंपनियों से यह भी वचन लेगा कि वो कोर्ट में लंबित मामलों से उत्पन्न किसी भी देनदारी को चुकाएंगी.

विलय के बाद नई कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 45.1 प्रतिशत और कुमारमंगलम बिड़ला के नेतृत्व वाले आदित्य बिड़ला समूह की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत और आइडिया के शेयरधारकों की हिस्सेदारी 28.9 प्रतिशत होगी.

प्रस्तावों के मुताबिक कुमारमंगलम बिड़ला नई कंपनी के गैर कार्यकारी चेयरमैन होंगे और बालेश शर्मा को कंपनी का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया जा सकता है.

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