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ICICI-एस्सार डील: व्हिसल ब्लोअर ने PM को पत्र लिखकर चंदा कोचर पर लगाए नए आरोप

प्रधानमंत्री के नाम लिखे अपनी दूसरी चिट्ठी में अरविंद गुप्ता ने दावा किया कि आईसीआईसीआई बैंक ने एस्सार समूह के रुइया बंधुओं का पक्ष लिया. ताकि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के न्यूपावर रिन्यूएब्ल्स को 'राउंड ट्रिपिंग' के जरिए निवेश हासिल हो सके

FP Staff Updated On: Jun 02, 2018 06:11 PM IST

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ICICI-एस्सार डील: व्हिसल ब्लोअर ने PM को पत्र लिखकर चंदा कोचर पर लगाए नए आरोप

वीडियोकॉन भष्टाचार मामले में देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर की कथित संप्लिप्तता का खुलासा करने वाले व्हिसल ब्लोअर अरविंद गुप्ता ने उनपर नए आरोप लगाए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखे अपनी दूसरी चिट्ठी में व्हिसल ब्लोअर अरविंद गुप्ता ने दावा किया कि आईसीआईसीआई बैंक ने एस्सार समूह के रुइया बंधुओं का पक्ष लिया. ताकि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के न्यूपावर रिन्यूएब्ल्स को 'राउंड ट्रिपिंग' के जरिए निवेश हासिल हो सके.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में अरविंद गुप्ता ने कहा कि आईसीआईसी ने  एस्सार ग्रुप के वैश्विक कारोबार को बढ़ाने के लिए बढ़-चढ़कर फंडिंग की है. समय के साथ उनके द्वारा दी गई यह आर्थिक मदद यह नॉन पर्फामिंग एसेट (एनपीए) होती चली गई. इसे लेकर काफी मुकदमेबाजी भी हुई. उन्होंने कहा कि इस लोन का कुछ हिस्सा बैंक को वापस लौटा है लेकिन मेरे आकलन के अनुसार अभी भी काफी हिस्सा एनपीए है.

अरविंद ने कहा, देश में आर्थिक नीतियां निर्धारित करने वाली संस्थाएं यह सुनिश्चित नहीं करतीं कि बैंकों से लोन लेने वाले उन्हें उनका पैसा वापस लौटाएं. इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जिससे उसके लोन की रिकवरी हो सके. इन सभी की जांच कराई जानी चाहिए.

11 मई, 2018 को लिखे अपने इस पत्र में अरविंद ने आरोप लगाया है कि रुइया बंधुओं ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएब्ल्स की फंडिंग की. रुइया बंधुओं ने यह फंडिंग अपने दामाद निशांत कनोडिया और भतीजे अनिरुद्ध भुवलका के जरिए कराई. अरविंद ने चिट्ठी में लिखा कि यह फंडिंग दिसंबर 2010 से मार्च 2012 के दौरान की गई.

Essar Group Ruia Brothers

एस्सार समूह के संस्थापक रुइया बंधु (फोटो: फेसबुक से साभार)

इस बीच चंदा कोचर छुट्टी पर चली गई हैं. पिछले दिनों बैंक बोर्ड की ओर चंदा कोचर के खिलाफ स्‍वतंत्र जांच के फैसले के तुरंत बाद बाद उनका अवकाश पर जाना सवाल खड़े करता है. चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर पर आरोप है कि वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ रुपए के लोन देने में उन्‍हें निजी तौर पर लाभ हासिल हुआ है.

मामला सामने आने के बाद आईसीआईसीआई बैंक ने चंदा कोचर के खिलाफ लोन बांटने में ‘कान्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ और निजी लाभ के लिए काम करने के आरोपों की स्‍वतंत्र जांच कराने का आदेश दिया था.

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