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इनकम टैक्स सेविंग: इक्विटी लिंक फंड्स में मिल सकता है दोहरा फायदा

इक्विटी लिंक म्यूचुअल फंड टैक्स बचत और बेहतर रिटर्न दोनों के लिहाज से अच्छा ऑप्शन है

FP Staff Updated On: Jan 18, 2018 08:39 AM IST

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इनकम टैक्स सेविंग: इक्विटी लिंक फंड्स में मिल सकता है दोहरा फायदा

साल भर की आमदनी पर इनकम टैक्स बचाने के लिए म्यूचुअल फंड एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है. इसके जरिए इनकम टैक्स में छूट पाने के दो फायदे हैं. एक तो आपको इनकम टैक्स में 80 सी के तहत टैक्स से छूट मिल जाती है, साथ ही म्यूचुअल फंड में पीपीएफ जैसे दूसरे विकल्पों से बेहतर रिटर्न मिल जाता है. पिछले कुछ समय में इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम्स वाले म्यूचुअल फंड ने एक साल में 25 प्रतिशत, तीन साल में 13 प्रतिशत और पांच साल में 18 प्रतिशत तक रिटर्न दिया है.

क्या है ईएलएसएस फंड

ईएलएसएस फंड का पूरा नाम इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम फंड है. इनमें किया गया निवेश इक्विटी से जुड़ी जगहों पर किया जाता है. इसके साथ ही ईएलएसएस फंड में तीन साल का लॉकइन पीरियड होता है. मतलब इन फंड्स में किया गया निवेश तीन साल पहले नहीं निकाला जा सकता है.

ईएलएसएस से कितनी टैक्स में कितनी बचत

ईएलएसएस में किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के 80 सी सेक्शन में छूट दी जाती है. इसका मतलब है कि आप एक फाइनेंशियल इयर में 1.5 लाख तक के निवेश पर छूट पा सकते हैं.

डिविडेंड की सुविधा

ईलएसएस फंड में निवेश का मतलब है कि आपका पैसा तीन साल के लिए लॉक हो जाएगा. मगर आप इससे पहले डिविडेंड ले सकते हैं. इसके लिए आपको डिविडेंड ऑप्शन चुनना पड़ता है. जिसके चलते आपको 3 साल के पहले ही पर्याप्त रिटर्न मिलते रहते हैं. ये डिविडेंड टैक्स फ्री होते हैं.

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एसआईपी की सुविधा

मान लीजिए आपको इनकम टैक्स में छूट के लिए साल भर में 50,000 रुपए का निवेश करना है. और आप एक साथ इतना पैसा निवेश नहीं कर सकते, या करना चाहते हैं. तो आप हर महीने सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए 4200 का निवेश कर सकते हैं. एसआईपी के लिए महीने में न्यूनतम 500 रुपए की बचत की जा सकती है. एसआईपी में अमूमन एक बार इनवेस्ट करने की तुलना में ज्यादा रिटर्न मिलता है साथ ही बचत करने की आदत भी पड़ती है.

क्या है ईएलएसएस में निवेश के फायदे

किसान विकास पत्र और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में निवेश के लॉकइन पीरियड से ईएलएसएस का लॉकइन पीरियड कम होता है. इसमें जो पैसा आप डिविडेंड के जरिए लेते हैं वो टैक्स फ्री होता है. अगर आप डिविडेंड नहीं लेना चाहते हैं तो ग्रोथ का ऑप्शन चुन सकते हैं. इसमें आपको साल भर में जो भी मुनाफा होगा. जो वापस उसी फंड में निवेश कर दिया जाएगा. इससे आपके निवेश पर बेहतर रिटर्न मिल सकते हैं.

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