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अप्रैल 2019 से बाजार के हवाले होंगी होम लोन की ब्याज दरें, ग्राहकों को मिलेगा बड़ा फायदा

आरबीआई जब भी ब्याज दरों में कमी करेगा, उसके तुरंत बाद सभी बैंकों को अपने कर्ज की दरों को एक कॉमन बेंचमार्क के आधार पर तय करना होगा और उन्हें इसका स्प्रेड लोन की पूरी अवधि में एक समान ही रखना होगा

Updated On: Dec 06, 2018 12:23 PM IST

FP Staff

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अप्रैल 2019 से बाजार के हवाले होंगी होम लोन की ब्याज दरें, ग्राहकों को मिलेगा बड़ा फायदा

होम लोन लेने वाले लोगों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है. अप्रैल से होम लोन की प्राइसिंग बैंक नहीं, बल्कि बाजार के आधार पर तय होगी. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह घोषणा की है कि अप्रैल 2019 से बैंकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह सभी फ्लोटिंग रेट के लोन्स को बाहरी बेंचमार्क के आधार पर तय करें. इसका मतलब है कि आरबीआई जब भी ब्याज दरों में कमी करेगा, उसके तुरंत बाद सभी बैंकों को अपने कर्ज की दरों को एक कॉमन बेंचमार्क के आधार पर तय करना होगा और उन्हें इसका स्प्रेड लोन की पूरी अवधि में एक समान ही रखना होगा.

भारत सरकार के 91 दिनों के ट्रेजरी बिल यील्ड से लिंक करना होगा

इन लोन को या तो आरबीआई के पॉलिसी रेपो रेट या फिर फाइनैंशियल बेंचमार्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मुहैया कराए जाने वाले भारत सरकार के 91 दिनों के ट्रेजरी बिल यील्ड से लिंक करना होगा. इसके अलावा आप इसे एफआईआईएल की ओर से पेश किए जाने वाले भारत सरकार के 182 दिनों के ट्रेजरी बिल यील्ड या किसी अन्य बेंचमार्क मार्केट इंटरेस्ट रेट से लिंक कर सकते हैं.

अप्रैल 2019 के बाद बैंक पर्सनल और एसएमई लोन्स को इससे लिंक करें

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने कहा कि लोन पर ट्रांसपैरेंसी को बढ़ाने की दिशा में आगे कदम बढ़ाए जा रहे हैं. इसके तहत कर्ज पर ब्याज दरों को अप्रैल 2016 में बेस रेट की जगह पर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स से लिंक किया गया था. इसी कदम को आगे बढ़ाते हुए बैंकों के लिए यह अनिवार्य किया जा रहा है कि अप्रैल 2019 के बाद बैंक पर्सनल और एसएमई लोन्स को इससे लिंक करें.

फ्लोटिंग रेट वाले लोन के लिए बाहरी बेंचमार्कों का उपयोग करें

बचा दें कि आरबीआई की मॉनीटरी पॉलिसी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल एडवाइजर जनक राज की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने पहली बार इंटरनल बेंचमार्क्स के मौजूदा सिस्टम के बजाय बैंकों को अपने फ्लोटिंग रेट वाले लोन के लिए बाहरी बेंचमार्कों का उपयोग करने की बात कही थी. इंटरनल बेंचमार्कों में प्राइम लेंडिंग रेट, बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट, बेस रेट और मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट शामिल हैं.

सिटी बैंक होम लोन्स के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क का प्रयोग करता है

कई सालों से आरबीआई फ्लोटिंग रेट लोन के मामले को हल करने की कोशिश कर रहा है, जो बाजार के बढ़ने पर आसानी से दरों को बढ़ा देते हैं लेकिन ब्याज दरों में कमी होने पर उसका लाभ लोगों को तुरंत नहीं देते हैं. देश में सिर्फ सिटी बैंक ही होम लोन्स के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क का इस्तेमाल करता है. इस साल मार्च में बैंक ने होम लोन स्कीम लॉन्च की थी, जिसमें होम लोन की दरें सरकार के 91 दिनों के ट्रेजरी बिल से लिंक थीं.

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