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हरियाणा में 1.15 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश, कोई नया कर नहीं

वित्त मंत्री अभिमन्यु ने कहा कि उन्होंने ‘हरियाणा एक हरियाणवी एक’ विचार के साथ सभी संबद्ध पक्षों को साथ लेने की कोशिश की है

Bhasha Updated On: Mar 09, 2018 09:27 PM IST

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हरियाणा में 1.15 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश, कोई नया कर नहीं

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने 2018-19 के बजट में कोई नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है. विधानसभा में शुक्रवार को प्रस्तुत कुल 1.15 लाख करोड़ रुपए के बजट प्रस्तावों में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कौशल विकास और बुनियादी ढांचा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

यहां राज्य विधानसभा में लगातार चौथे साल बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि बजट का मकसद संतुलित वृद्धि के नए युग में प्रवेश करना है. वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने ‘हरियाणा एक हरियाणवी एक’ विचार के साथ सभी संबद्ध पक्षों को साथ लेने की कोशिश की है.

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार राजकोषीय प्रबंधन के संदर्भ में हरियाणा को एक मॉडल राज्य बनाने पर जोर दे रही है.

वित्त मंत्री ने कुल 1,15,198.29 करोड़ रुपए का बजट पेश किया जो 2017-18 के संशोधित अनुमान 1,00,739.38 करोड़ रुपए के मुकाबले 14.4 प्रतिशत अधिक है.

अभिमन्यु ने अपने 96 मिनट के भाषण में पूंजी व्यय मद में 30,012 करोड़ रुपए और राजस्व व्यय में85,187 करोड़ रुपए का निर्धारण किया है.

बजट में किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है. वित्त मंत्री ने76,933.02 करोड़ रुपए के कुल राजस्व प्राप्त करने को लेकर भरोसा जताया. यह 2017-18 के के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत अधिक है.

बजट में कृषि और संबंधित क्षेत्र के आबंटन में सर्वाधिक वृद्धि की गई है. इस क्षेत्र को 4,097.46 करोड़ रुपए आबंटित किया गया है जो 2017-18 के 2,709.69 करोड़ रुपए के मुकाबले 51.22 प्रतिशत अधिक है.

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के लिए बजट में 4,769.61 करोड़ रुपए आबंटित किया गया है जो चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 25.02 प्रतिशत अधिक है.

वहीं शिक्षा क्षेत्र के लिए वित्त मंत्री ने 13,978.22 करोड़ रुपए आबंटित किया है. यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है.

वित्त मंत्री ने कौशल विकास के लिए 657.94 करोड़ रुपए, बिजली क्षेत्र के लिए 15,372.16 करोड़ रुपए, उद्योग के लिए 399.86 करोड़ रुपए, ग्रामीण विकास के लिए 4,301.88 करोड़ रुपए और शहरी विकास के लिए 5,626.84 करोड़ रुपए आबंटित किए हैं.

बजट में राजकोषीय घाटा 2018-19 में19,399.34 करोड़ रुपए रहने का अनुमान जताया गया है जो 2017-18 में 17,240.45 करोड़ रुपए था.

बीजेपी की अगुवाई वाली हरियाणा सरकार के कार्यकाल में अबतक 29,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया है. साथ ही कृषि व्यपार और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 3,500 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करने के लिए नई नीति क्रियान्वित की जाएगी.

हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने विधानसभा में 2018-19 का बजट पेश करते हुए आज कहा, ‘मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 29,121 करोड़ रुपए का ताजा निवेश आया है. इससे 2,03,359 लोगों को निजी औद्योगिक उपक्रमों में रोजगार मिले.’

वित्त मंत्री ने कहा, ‘इस समय परियोजनाओं में 45,000 करोड़ रुपए के निवेश का काम चल रहा है.’

उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कृषि व्यापार एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2018 तैयार की जा रही है. नीति का मकसद 3,500 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करना और 20,000 नए रोजगार के अवसर सृजित करना है.

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