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गुजरात बजट 2018: नितिन पटेल ने पहला बजट पेश किया, विपक्ष का वॉकआउट

सरकार ने श्रमित अन्नपूर्णा योजना के तहत 87 के अलावा 51 नए फूड सेंटर्स पर शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. इसके लिए 80 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है

Updated On: Feb 20, 2018 04:50 PM IST

FP Staff

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गुजरात बजट 2018: नितिन पटेल ने पहला बजट पेश किया, विपक्ष का वॉकआउट

गुजरात के फाइनेंस मिनिस्टर नितिन पटेल ने 14वीं विधानसभा का पहला बजट पेश किया. पटेल ने बजट पेश करते हुए बताया कि गुजरात का फिस्कल डेफेसिट रिकॉर्ड लो लेवल पर है. अभी यह जीएसजीपी का सिर्फ 1.42 फीसदी है.

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का सरप्लस रेवेन्यू 2015-16 में 1704 करोड़ रुपए था जो 2016-17 में बढ़कर 5947 करोड़ रुपए हो गए हैं. इससे पहले सोमवार को वडोदरा से बीजेपी एमएलए राजेंद्र त्रिवेदी को स्पीकर बनाया गया. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने त्रिवेदी का नाम पेश किया, जिसे कांग्रेस ने भी सपोर्ट किया.

बजट की अहम घोषणाएं 

नितिन पटेल ने अहमदाबाद में गुजरात पेरिनटलॉजी इंस्टीट्यूट के लिए 1 करोड़ रुपए का ऐलान किया है.

तटीय इलाकों में बोट एंबुलेंस शुरू करने के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान.

गुजरात टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (जीटीयू) के नए कैंपस के लिए 13 करोड़ रुपए का ऐलान.

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना 

सरकार ने श्रमित अन्नपूर्णा योजना के तहत 87 के अलावा 51 नए फूड सेंटर्स पर शुरू करने का प्रस्ताव रखा है. इसके लिए 80 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है.

सोलर टूरिज्म

सरकार ने मोढेरा को सोलर एनर्जी बेस्ड इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए 22 करोड़ रुपए का प्रावधान

गुजरात यूनिवर्सिटी को नया रिसर्च पार्क

सिर्फ गुजरात टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के लिए ही नहीं बल्कि गुजरात यूनिवर्सिटी को अपने कैंपस में रिसर्च पार्क बनाने के लिए 42 करोड़ रुपए मिले है.

विपक्ष का विरोध

फाइनेंस मिनिस्टर नितिन पटेल जब बजट पेश कर रहे थे तब कांग्रेस एमएलए रिबाजिया हर्षद कुमार ने उनपर मूंगफली फेंकना और नारे लगाना शुरू कर दिया. इसके बाद स्पीकर ने उन्हें सदन से बाहर जाने को कह दिया. इसके बाद मार्शल रिबादिया को पकड़कर बाहर ले गए, जिसके बाद कांग्रेस के बाकी कांग्रेसी नेताओं ने भी सदन से वॉकआउट कर लिया.

मीडिया के लिए फायदा

सरकार ने ऐलान किया कि सभी मान्यता प्राप्त रिपोर्टर्स को जीएसआरटीसी की वॉल्वो बस में पास मुहैया कराया जाएगा.

पीने के लिए साफ पानी 
सरकार ने कहा कै कि 2800 करोड़ रुपए की लागत से 10 स्कीमें ट्राइबल इलाकों में शुरू की जाएंगी, ताकि इन इलाकों में पीने का साफ पानी मुहैया कराया जा सके.
प्रोजेक्ट लायन 
सरकार ने प्रोजेक्ट लायन के लिए 4 करोड़ रुपए का आवंटन किया है. इस प्रोजेक्ट का मकसद लुप्त हो रहे शेर को सुरक्षित रखना है.

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