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जीएसटीएन की कई दिक्कतों का हो चुका समाधान: चेयरमैन

अंतिम दिन प्रति घंटे करीब 80 हजार रिटर्न दाखिल होते हैं

Bhasha Updated On: Oct 23, 2017 04:08 PM IST

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जीएसटीएन की कई दिक्कतों का हो चुका समाधान: चेयरमैन

माल एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) पोर्टल की कई दिक्कतों को दूर कर लिया गया है और इसे सुगम बनाने की कोशिशें जारी हैं. जीएसटीएन के चेयरमैन अजय भूषण पांडेय ने सोमवार तो नई दिल्ली में इसकी जानकारी दी.

पांडेय ने कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह हर हफ्ते जीएसटीएन की समीक्षा करता है. जिससे यह आश्वस्त किया जा सके कि पोर्टल सुगम तरीके से चल रहा है.

मंत्रियों के समूह की अगली बैठक 28 अक्तूबर को होगी. इस बैठक में जीएसटी दाखिल करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए की गई कोशिशों की समीक्षा की जाएगी. सितंबर में गठन के बाद समूह की यह तीसरी बैठक होगी.

पांडेय ने कहा, ‘समूह के गठन से पहले सामने आई अधिकांश दिक्कतों को दूर कर लिया गया है. इन दिक्कतों के प्रति सरकार का ध्यान काफी उच्च स्तर पर है.

इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निजी तौर पर मंत्रियों के समूह की बैठक में शामिल होते हैं. सारा उद्देश्य रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को एकदम सुगम बनाना है.’

उन्होंने कहा कि समूह की अगली बैठक में नेटवर्क के भविष्य संबंधी कदमों का निर्णय लिया जाएगा.

अंतिम दिन प्रति घंटे करीब 80 हजार रिटर्न दाखिल होते हैं 

चेयरमैन ने कहा, ‘एक समीक्षा इस बात की होगी कि अब तक क्या किया गया. दूसरी समीक्षा इस बात की होगी कि लोगों को कोई परेशानी नहीं होना सुनिश्चित करने के लिए अगले दो महीने में क्या कदम उठाए जाएं.'

उन्होंने कहा कि 'समूह अन्य संबंधित पक्षों से मिली प्रतिक्रिया भी देखता है तथा सॉफ्टवेयर प्रणाली की दिक्कतों को दूर करता है ताकि पूरा तंत्र सुगम हो.’

नई कर व्यवस्था लागू होने के बाद रिटर्न दाखिल का काम जीएसटीएन के जरिए हो रहा है. इसके जरिए जुलाई के लिए 55 लाख से अधिक तथा अगस्त के लिए 50 लाख रिटर्न दाखिल किए गए हैं. अंतिम दिन प्रति घंटे करीब 80 हजार रिटर्न दाखिल होते हैं.

पांडेय ने कहा कि एक ही पोर्टल पर 50 लाख रिटर्न दाखिल होना अद्भुत है. उन्होंने कहा कि रिटर्न दाखिल करने का इतना दबाव होने पर शुरुआती महीनों में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं.

उन्होंने कहा, ‘हम अब सुधार कर रहे हैं. हम इस उद्देश्य से आगे बढ़ रहे हैं कि अगले कुछ महीनों में कोई दिक्कत नहीं रहे.’

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