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GST का असर, वित्तीय घाटा अनुमान से 112% ज्यादा

सीजीए के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017-18 में अप्रैल से नवंबर अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा 6.12 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया.

Bhasha Updated On: Dec 30, 2017 01:39 PM IST

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GST का असर, वित्तीय घाटा अनुमान से 112% ज्यादा

देश का राजकोषीय घाटा नवंबर अंत में ही पूरे साल के लिए तय अनुमान से आगे निकल गया. माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के तहत पिछले दो माह के दौरान कम राजस्व प्राप्ति और अधिक खर्च से राजकोषीय घाटे का आंकड़ा नवंबर अंत में ही बजट में तय पूरे साल के अनुमान से आगे निकलकर 112 प्रतिशत हो गया है.

महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017-18 में अप्रैल से नवंबर अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा 6.12 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया. जबकि बजट में पूरे वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे के 5.46 लाख करोड़ रुपए रहने का लक्ष्य तय किया गया था. यह तय वार्षिक अनुमान का 112 प्रतिशत तक पहुंच गया जबकि इससे पिछले वर्ष इसी अवधि में यह घाटा वार्षिक बजटअनुमान का 85.8 प्रतिशत था.

सरकार ने वर्ष 2017-18 के दौरान राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.2 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है. इससे पिछले वर्ष सरकार राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.5 प्रतिशत रखने में सफल रही थी. सीजीए के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से नवंबर की आठ माह की अवधि में सरकार की कुल राजस्व प्राप्ति 8.04 लाख करोड़ रुपये रही है जो कि उसके वार्षिक बजट अनुमान 15.15 लाख करोड़ रुपये का 53.1 प्रतिशत है. एक साल पहले यह अनुपात 57.8 प्रतिशत रहा था.

इस दौरान सरकार का कुल पूंजी व्यय वार्षिक व्यय अनुमान का 59.5 प्रतिशत रहा. जबकि पिछले वर्ष इसी अविध में यह 57.7 प्रतिशत रहा था. सरकार ने 2017-18 में कुल 21,46,735 करोड़ रुपए रखा है जिसमें पूंजी व्यय 3,09,801 करोड़ रुपए रखा गया है. नवंबर 2017 में जीएसटी के तहत राजस्व प्राप्ति सबसे कम रही है. जीएसटी परिषद ने कईवस्तुओं पर जीएसटी दर में कटौती की जिसके बाद नवंबर में जीएसटी प्राप्ति घटकर 80,808 करोड़ रुपए रह गई. इससे पिछले महीने यह 83,000 करोड़ रुपए रही थी. एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद नवंबर में जीएसटी प्राप्ति सबसे कम रही है.

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