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2018 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.5% रहने की उम्मीद: नोमुरा

नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'नए नोटों को चलन में लाने और वैश्विक मांग में सुधार से चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर मजबूत होगी और पहली तिमाही में तेजी से सुधार होगा'

Updated On: Dec 24, 2017 01:54 PM IST

Bhasha

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2018 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.5% रहने की उम्मीद: नोमुरा

देश की अर्थव्यवस्था में जनवरी-मार्च तिमाही में बेहतर रहने की उम्मीद है. नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जीडीपी की विकास दर 2018 में करीब 7.5 फीसदी रह सकती है.

जापान की वित्तीय सेवा कंपनी नोमुरा के कंपोजिट लीडिंग इंडेक्स (सीएलआई) के अनुसार नए नोटों को चलन में लाने और वैश्विक मांग में सुधार से चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में आर्थिक वृद्धि दर मजबूत होगी और पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में तेजी से सुधार होगा.

नोमुरा ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, ‘हम वृद्धि को लेकर उत्साहित हैं. हम चालू वर्ष की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 6.3 फीसदी बढ़ोतरी के मुकाबले चौथी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) में 6.7 फीसदी और 2018 में मजबूत सुधार के साथ 7.5 फीसदी आर्थिक वृद्धि की उम्मीद है.’

रिपोर्ट के अनुसार मुद्रास्फीति दबाव बढ़ने और तेल की ऊंची कीमत को देखते हुए मौद्रिक नीति को कड़ा किए जाने की संभावना है.

इसके अलावा 6 दिसंबर को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के ब्योरे से पता चलता है कि अधिकतर सदस्यों ने मुद्रास्फीति के बढ़ने के जोखिम को लेकर आशंका जतायी और नीतिगत दर को पहले जैसा रखा.

नोमुरा ने कहा, ‘हम 2018 की दूसरी तिमाही में मौद्रिक नीति समिति की ओर से थोड़ा आक्रमक रुख की उम्मीद करते हैं. उस समय वृद्धि और मुद्रास्फीति दोनों अधिक होगी. लेकिन हमारा मानना है कि 2018 में नीतिगत दर पहले जैसी रहेगी.’

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पांचवी मौद्रिक नीति नीति समीक्षा में रेपो दर और रिवर्स रेपो दर को क्रमश: 6 फीसदी और 5.75 फीसदी पर बरकरार रखा है. साथ ही 2017-18 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को बढ़ाकर 4.3-4.7 फीसदी कर दिया है.

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