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नोटबंदी के बाद सिक्काबंदीः सिक्कों के उत्पादन पर तत्काल प्रभाव से लगा रोक

नोटबंदी के बाद से टकसालों के भंडार पुराने 1000 और 500 के नोट से भरे हुए हैं और सिक्कों को रखने की जगह नहीं है, इसी कारण यह फैसला लिया गया है

FP Staff Updated On: Jan 11, 2018 04:16 PM IST

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नोटबंदी के बाद सिक्काबंदीः सिक्कों के उत्पादन पर तत्काल प्रभाव से लगा रोक

कभी सिक्कों की कमी से परेशान रहे लोगों को इससे नोटबंदी के बाद से राहत मिल गई थी. नोटबंदी के बाद बाजार में भारी भरकम संख्या में सिक्के अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे थे. अब खबर ये आ रही है कि सरकार ने सिक्कों के उत्पादन पर रोक लगा दिया है.

सरकारी सूत्रों की माने तो, सरकार ने अपने कोलकाता, मुंबई, नोएडा और हैदराबाद स्थित टकसाल में सिक्कों के उत्पादन को रोक दिया है. इसके पीछे जो कारण बताया जा रहा है वो ये है कि सिक्के बड़ी संख्या में बाजार में आ गए थे और उनके रख रखाव की दिक्कत सामने आने लगी थी.

टकसालों को चलाने वाले सरकारी, प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) ने बुधवार को निर्देश जारी किया था कि प्रचलन में जो सिक्के हैं उनका उत्पादन तत्काल प्रभाव से रोका जाए. नोटिस में कहा गया है कि टकसाल बगैर किसी कर्मचारी के ओवरटाइम के समान्य तौर पर काम करता रहेंगे.

रिजर्व बैंक के सूत्रों की माने तो अभी बैंकों और आरबीआई के पास सिक्कों के रखने के लिए जगह नहीं है. नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से आरबीआई के भंडार स्थान पुराने पांच सौ और हजार के नोट से भरे हुए हैं और सिक्कों को रखने की कोई जगह ही नहीं बची है.

आरबीआई के सूत्रों ने कहा कि यह एक अस्थायी अभ्यास हैं. लोगों तक सिक्कों की सही से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह नियमित रूप से किया जाता है.

एसपीएमसीआईएल के नोटिस के अनुसार 8 जनवरी, 2018 तक सरकारी टकसालों में 160 अरब से ज्यादा मुल्य के सिक्के उपलब्ध हैं.

सिक्का उत्पादन रोकने का निर्णय टकसाल के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि इस कदम से उनका वेतन प्रभावित हो सकता है.

जब सिक्कों के उत्पादन पर तत्काल प्रभाव से रोक की खबर आई तब कोलकाता टकसाल के 1400 कर्मचारी इस फैसले के खिलाफ उतर गए.

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