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कैराना उपचुनाव के नतीजों से योगी सरकार को आई गन्ना किसानों की याद

प्रदेश के गन्ना किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार 8000 करोड़ रुपए से ज्यादा का पैकेज लाने वाली है

Updated On: Jun 04, 2018 10:52 PM IST

FP Staff

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कैराना उपचुनाव के नतीजों से योगी सरकार को आई गन्ना किसानों की याद

यूपी के गन्ना किसानों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है. राज्य की योगी सरकार से उनकी नाराजगी कैराना उपचुनावों में साफ नजर आई है. कैराना का इलाका गन्ना किसानों का इलाका है. यहां बीजेपी उम्मीदवार मृगांका सिंह को हार का मुंह देखना पड़ा. इस सीट से आरएलडी की तबस्सुम को जीत मिली है.

कैराना उपचुनावों से सबक लेते हुए योगी सरकार ने गन्ना किसानों को खुश करने का इंतजाम किया है. इन किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार 8000 करोड़ रुपए से ज्यादा का पैकेज लाने वाली है. सूत्रों की मानें तो सरकार चीन एक्सपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी हटाने जैसे फैसले भी ले सकती है. इतना ही नहीं, सरकार 1200 करोड़ रुपए की लागत से 30 एलएमटी के बफर स्टॉक का निर्माण भी कराएगी.

चीनी और किसान

भारत में चीनी उद्योग एक महत्वपूर्ण कृषि आधारित उद्योग है. इससे 5 करोड़ गन्ना किसानों की जिंदगी जुड़ी हुई है. जबकि 5 लाख लोगों को सीधे तौर पर इससे रोजगार मिला है. पिछले कई साल से सरकारी अनदेखी के कारण यह घाटे का कारोबार बनता जा रहा है.

 

2017-18 के मौजूदा वर्ष में भारत ने चीनी का 315 एलएमटी से ज्यादा का उत्पादन किया है. हालांकि चीनी उत्पादन की निराशाजनक वैश्विक कीमत के कारण चीनी के बाजार मूल्य में गिरावट आई है जिससे किसानों का लगभग 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का बकाया जमा हो गया हैं. इसलिए सरकार यह पैकेज लाई है. इस पैकेज के अंतर्गत देश में इथेनॉल क्षमता बढ़ाने के लिए 4,400 करोड़ रुपए से ज्यादा की एक योजना भी शामिल हैं.

पिछले दिनों कैराना उपचुनाव के समय गन्ना का मुद्दा बहुत जोर-शोर से उछाला गया था. जिसका समर्थन कई विपक्षी दलों ने भी किया. उनके मुताबिक गन्ना से जुड़े किसानो का करीब 20 हजार करोड़ का भुगतान नहीं किया गया था. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कैराना उपचुनाव में बीजेपी की हार के मुख्य कारणों में से एक गन्ना किसानों के पैसे का भुगतान न होना भी था.

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