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टीसीएस पर 'अमेरिकी वर्कर्स विरोधी' होने के आरोपों पर सुनवाई आज

टीसीएस के खिलाफ मुकदमा 2015 में एक वाइट आईटी वर्कर द्वारा दायर किया गया था जिसने दावा किया था कि वह कंपनी में 'अमेरिका विरोधी भावना' है.

FP Staff Updated On: Oct 03, 2017 09:12 PM IST

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टीसीएस पर 'अमेरिकी वर्कर्स विरोधी' होने के आरोपों पर सुनवाई आज

अमेरिका में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में विदेशी वर्कर्स की भर्ती को कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन द्वारा डाले जा रहे दबाव के बीच यह आईटी आउटसोर्सिंग कंपनी अदालत में भी इन दावों से लड़ रहा है कि इसकी भर्ती प्रक्रिया अमेरिकी विरोधी हैं.

टीसीएस और इसकी प्रतिद्वंद्वी आउटसोर्सिंग फर्म इंफोसिस, दोनों ही नागरिक अधिकारों के मुकदमे में उलझे हैं, जिनमें उनपर वाइट आईटी वर्कर्स के खिलाफ भेदभाव करने का आरोप लगे हैं, जो पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव से पहले के हैं.

जहां एक ओर कई कंपनियां अधिक अमेरिकियों को काम पर रख कर राष्ट्रपति ट्रंप के संरक्षणवादी एजेंडे का पालन कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर टीसीएस मुंबई में  कर्मचारियों को विदेशी गेस्ट-वर्कर्स वीजा दिए जाने के अपने फैसले के जरिए पूर्वाग्रह के आरोपों को खारिज कर रही है.

वाइट आईटी वर्कर ने किया था मुकदमा

मंगलवार को कैलिफ़ोर्निया के ओकलैंड में फेडरल कोर्ट में इस बात पर सुनवाई होगी कि क्या मामले को पूरी तरह से खारिज कर दिया जाए या इसमें उन हजारों अमेरिकी कामगारों को शामिल किया जाए जो या तो टीसीएस में भर्ती नहीं किए गए या पिछले छह वर्षों में टीसीएस द्वारा निकाल दिए गए थे.

टीसीएस के खिलाफ मुकदमा 2015 में एक वाइट आईटी वर्कर द्वारा दायर किया गया था, जिसने दावा किया था कि वह कंपनी के भीतर 'अमेरिका विरोधी भावना' के अधीन था और सेक्टर में लगभग 20 वर्षों के अनुभव के बावजूद 20 महीने के भीतर उसे निकाल दिया गया था.

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