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नोटबंदी नहीं की गई होती तो भारत की अर्थव्यवस्था ढह जाती: एस गुरुमूर्ति

एस गुरुमूर्ति ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में अपनी बात रखते हुए कहा कि नोटबंदी से 18 महीने पहले 500 और 1000 रुपए के नोट 4.8 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गए थे

Updated On: Nov 16, 2018 09:50 AM IST

FP Staff

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नोटबंदी नहीं की गई होती तो भारत की अर्थव्यवस्था ढह जाती: एस गुरुमूर्ति

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बोर्ड मेंबर एस गुरुमूर्ति ने गुरुवार को कहा कि यदि नवंबर, 2016 में नोटबंदी नहीं की गई होती तो अर्थव्यवस्था ढह जाती. उन्होंने कहा कि 500 और 1000 रुपए जैसे बड़े नोटों का इस्तेमाल रीयल एस्टेट और सोने की खरीद में किया जाता था.

एस गुरुमूर्ति ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में अपनी बात रखते हुए कहा कि नोटबंदी से 18 महीने पहले 500 और 1000 रुपए के नोट 4.8 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गए थे. रीयल एस्टेट और सोने की खरीद में इन नोटों का इस्तेमाल किया जाता था. यदि नोटबंदी नहीं होती, तो हमारा हाल भी 2008 के सब प्राइम ऋण संकट जैसा हो जाता. गुरुमूर्ति ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ होता, तो भारतीय अर्थव्यवस्था ढह जाती. नोटबंदी करना एक सुधारात्मक उपाय था.

अगले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड की होने वाली अहम बैठक से पहले एस गुरुमूर्ति ने बैंक के आरक्षित भंडारण के नियम में बदलाव की भी वकालत की. गुरुमूर्ति ने अपने व्याख्यान में कहा कि डूबे कर्ज के लिए एक झटके में सख्त प्रावधान के नियमों से भी बैंकिंग प्रणाली के समक्ष समस्या खड़ी हुई है. रिजर्व बैंक और सरकार के बीच हाल के समय में तनाव बढ़ा है.

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