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एक राज्य से दूसरे राज्य में ढुलाई के लिए रविवार से अनिवार्य होगा ई-वे बिल

जीएसटी के तहत कारोबारियों और ट्रक परिचालकों को 1 अप्रैल से एक राज्य से दूसरे राज्य में 50 हजार रुपए से अधिक का माल लाने-ले जाने के लिए ई- वे बिल साथ में रखना होगा

Bhasha Updated On: Mar 30, 2018 05:01 PM IST

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एक राज्य से दूसरे राज्य में ढुलाई के लिए रविवार से अनिवार्य होगा ई-वे बिल

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत कारोबारियों और ट्रक परिचालकों को पहली अप्रैल से एक राज्य से दूसरे राज्य में 50 हजार रुपए से अधिक का माल लाने-ले जाने के लिए सबूत के तौर पर इलेक्ट्रानिक प्रणाली से प्राप्त किया गया मार्ग-विपत्र (ई- वे बिल) साथ में रखना होगा.

इसे पहले यह व्यवस्था एक फरवरी से लागू की जानी थी पर इस बिल को ऑनलाइन हासिल करने में तकनीकी दिक्कतें आने पर इसे टाल दिया गया था. माना जा रहा है कि यह टैक्स चोरी रोकने की दिशा में उठाया गया कदम है. इससे नकदी आधारित व्यापार पर लगाम लगने की उम्मीद है.

वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने प्रणालीगत बाधाओं को पक्के तौर पर दूर करने के लिए अपने पोर्टल पर अलग से ऐसी सुविधा की है जहां सड़क, रेल, विमानों या पोतों से माल देश के अंदर एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए ई-वे बिल सृजित किया जा सकता है. अभी उन्हीं हिस्सों को सक्रिय किया है जिनकी आवश्यकता एक राज्य से दूसरे राज्य में माल ढुलाई के लिए ई- वे बिल बनाने हेतू होगी.

एक अधिकारी ने कहा कि अभी हम राज्य के भीतर माल ढुलाई के लिए ई- वे बिल निकालने की कोशिशों को रोक देंगे.

जीएसटी परिषद ने इस महीने निर्णय लिया था कि ई- वे बिल की आवश्यकता एक राज्य से दूसरे राज्य में माल ढुलाई के लिए एक अप्रैल से और राज्य के भीतर एक जगह से दूसरी जगह माल पहुंचाने के लिए 15 अप्रैल से होगी.

एनआईसी ने किया है इस प्रणाली का डिजाइन

प्रणाली को पहले से अधिक दक्ष बनाया गया है. अब इससे बिना दिक्कत के प्रतिदिन 75 लाख ई- वे बिल निकाले जा सकते हैं. इस प्रणाली का डिजाइन और विकास राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) ने किया है.

अधिकारी ने कहा कि एनआईसी ने हमें आश्वस्त किया है कि प्रणाली एक अप्रैल से अच्छे से काम करेगी. एनआईसी ने इसका सघन परीक्षण किया है जिससे अंतिम मौके पर कोई रुकावट नहीं आने पाए.

उन्होंने कहा कि जीएसटी नेटवर्क ने ई- वे बिल निकालने के तरीके जानने के लिए सभी कारोबारियों एवं ट्रक चालकों को पोर्टल पर पंजीयन कराने का सुझाव दिया है.

इस सप्ताह की शुरुआत तक ई- वे बिल पोर्टल पर 11 लाख निकाय पंजीकृत हो चुके थे. जीएसटी के तहत 1.05 करोड़ कारोबार पंजीकृत हैं तथा करीब 70 लाख रिटर्न हर महीने दायर किए जाते हैं.

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