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पीएनबी घोटाला: एक ही प्रॉपर्टी पर बार-बार लोन लेकर चोकसी ने बैंकों को ठगा

विजय माल्या, मेहुल चोकसी और नीरव मोदी ने एक ही तरह से बैंकों को ठगा, इन सबने एक ही प्रॉपर्टी बार-बार गिरवी रखकर फंड जुटाया

Updated On: Mar 07, 2018 04:11 PM IST

Yatish Yadav

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पीएनबी घोटाला: एक ही प्रॉपर्टी पर बार-बार लोन लेकर चोकसी ने बैंकों को ठगा

शातिर और भगोड़े हीरा व्यवसायी मेहुल चोकसी ने देश से फरार होने से पहले पूरी तैयारी कर ली थी. चोकसी ने सरकारी और प्राइवेट बैंकों को चूना लगाने से पहले अपना पूरा होमवर्क तैयार कर रखा था. मेहुल ने शातिर ठग की तरह एक ही ब्रांड और एक ही फ्लैट अलग-अलग बैंकों के पास गिरवी रखकर लोन लिया था.

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले की जांच कर रहे एक जांच अधिकारी ने बताया कि नीरव मोदी के शातिर मामा चोकसी ने 'संगिनी डायमंड' ब्रांड को दो अलग-अलग कंपनियों ‘गिली इंडिया लिमिटेड’ और ‘गीतांजलि जेम्स लिमिटेड’ के जरिए गिरवी रखकर लोन उठाया था. इसका मतलब यह है कि दोनों कंपनियों ने एक ही ब्रांड के नाम पर बैंकों से पैसा उठाया.

की तरफ से लोन के लिए बैंकों के पास बंधक के तौर पर रख दिया. फ़र्स्टपोस्ट को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक ‘संगिनी’ ब्रांड आईसीआईसीआई बैंक के पास दो कंपनियों की तरफ से बंधक रखे गए थे. इसके अलावा चोकसी ने ‘अस्मी’ और ‘जिली’ ब्रांड भी आईसीआईसीआई बैंक के पास ‘गीतांजलि जेम्स लिमिटेड’ के नाम पर लिए गए लोन के लिए जमानत पर रखे थे.

माल्या और नीरव मोदी की कहानी क्यों एक जैसी है?

इस घोटाले की जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही किसी एकाउंट को फ्रॉड घोषित किया जाता है वैसे ही उसकी ब्रांड वैल्यू जीरो हो जाती है. जांच अधिकारी के मुताबिक विजय माल्या के केस में भी कुछ वैसा ही हुआ था. माल्या ने अपने किंगफिशर ट्रेडमार्क को बैंकों के पास गिरवी रखा था. जब माल्या फरार हुए तब बैंकों ने 'किंगफिशर' ब्रांड को बेचकर पैसा निकालने की कोशिश की लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला.

चोकसी ने ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड को भी उसी तरह धोखा दिया. चोकसी ने दो अलगड-अलग लोन लेने के लिए एक ही फ्लैट को दो अलग-अलग कंपनियों गिली इंडिया लिमिटेड और गीतांजली जेम्स लिमिटेड की ओर से बैंकों के पास जमानत के तौर पर रख दिया.

Punjab-National-Bank-PNB

ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड, इलाहाबाद बैंक का एक उपक्रम है. इसने मार्च 2013 से चोकसी की गिली इंडिया लिमिटेड को कर्ज देना शुरू किया था. ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड अब तक कुल 375 करोड़ रुपए का लोन दे चुकी है.

ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड चोकसी की फ्लैगशिप कंपनी गीतांजली जेम्स लिमिटेड को भी 750 करोड़ कर्ज दे चुकी है. दोनों कंपनियों को अलग-अलग 1125 करोड़ रुपए कर्ज देने के बाद बैंक को दोनों की ओर से एक ही संपत्ति मिली है और वो है मुंबई के कलीना का रेजिडेंशियल फ्लैट्स. 7510 स्कवायर फीट के इस एरिया में 101, 201, 203, 301 और 303 नंबर शामिल है.

जांचकर्ताओं को मिली ये जानकारी चौकाने वाली है. उन्हें लग रहा है कि ये सबकुछ जानबूझ बैंकों को धोखे में रख कर किया गया था.

क्या था कर्ज लेने का तरीका?

जांचकर्ताओं के मुताबिक दोनों कंपनियों ने एक ही दिन 2013 में कर्ज के लिए आवेदन दिया था. एक ही दिन 2016 में भी संशोधन के लिए फाइल आगे बढ़ाई. जांच अधिकारी के मुताबिक इस तरह की जमानत का कोई अर्थ नहीं होता. यहां तक कि ये बैंकों की सुरक्षा कानूनों के खिलाफ भी है.

जांच अधिकारी के मुताबिक उन्हें जमानत के तौर रखी गई संपत्ति के मूल्यांकन का कोई खास आकलन नहीं है. कर्ज की रकम को देखते हुए इसे बहुत छोटा माना जा सकता है या इसे आप इस तरीके से समझ सकते हैं कि बैंक के पास आप अपनी पुरानी मोटर साइकिल बंधक रख कर नई बड़ी विदेशी कार के लिए कर्ज मांग रहे हैं.

हैरानी की बात ये है कि 940 स्कवायर फीट वाला फ्लैट नंबर 203 ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड के अलावा दो और बैंकों पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक के पास भी गिरवी रखा गया है. 12000 करोड़ रुपए के नीरव मोदी घोटाले से जूझ रहे पंजाब नेशनल बैंक ने चोकसी को भी 175 करोड़ रुपए कर्ज दिए हैं.

चोकसी के गीतंजली जेम्स को दिए गए इस कर्ज के लिए मुंबई के कलीना का फ्लैट नंबर 203 के कागजात ही जमानत के तौर बैंक के पास मौजूद है. जबकि ये फ्लैट ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड के पास पहले से ही बंधक बना हुआ था.

उसी तरह से वही फ्लैट संख्या 203 गीतांजली जेम्स के नाम पर एक्सिस बैंक के पास लिए गए लोन की जमानत के रूप में मौजूद है. पंजाब नेशनल बैंक ने 12 दिसंबर 2012 में गिली इंडिया लिमिटेड को 75 करोड़ रुपए का कर्ज दिया था और मजेदार बात ये है कि इसने भी गिरवी के तौर पर उसी फ्लैट नंबर 203 के पेपर दिए थे. ये लोन पीएनबी की उसी ब्रैडी हाउस ब्रांच की तरफ से मंजूर किया गया था जहां से जाली लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स और फर्जी फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट जारी हुआ है.

गिली इंडिया लिमिटेड को पीएनबी के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह ने 225 करोड़ रुपए का लोन पहले से ही दिया हुआ था. कंपनी को 2011 में लोन वापस करना था लेकिन वह डिफॉल्ट कर गई. इसके बावजूद 2012 में इसी कंपनी के नाम पर दोबारा लोन मिल गया.

कहानी और सही... 

लेकिन कहानी यहीं समाप्त नहीं होती है. चोकसी ने कलीना का फ्लैट नंबर 201 पीएनबी और एक्सिस बैंक को भी गिरवी रखा था. इस बार कंपनी थी गीतांजलि जेम्स. चोकसी ने बेहद शातिराना तरीके से यही काम कलीना के फ्लैट नंबर 303 के साथ भी किया.

इस फ्लैट को भी चोकसी ने तीन अलग-अलग बैंकों पीएनबी, एक्सिस और ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड के पास लोन के लिए बंधक के रूप में सौंप दिया. हालांकि चोकसी ने फ्लैट संख्या 101 को गीतांजली जेम्स की तरफ से दो बैंकों एक्सिस और ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड के पास लोन के लिए जमानत के रूप में रख कर बेहद शातिर तरीके से इस बैंक घोटाले की योजना बनायी.

Nirav Modi

ऑल बैंक फाइनेंस लिमिटेड से लोन प्राप्त करने के लिए चोकसी ने गिली इंडिया लिमिटेड की पूरी संपत्ति, अपनी व्यक्तिगत गारंटी और गीतांजली जेम्स लिमिटेड की कॉरपोरेट गांरटी बंधक के तौर पर रख दी थी. बैंक के पास रखे गए एक और बंधक में यह स्पष्ट किया गया था कि वर्तमान और भविष्य की सब चल संपत्ति जिसमें प्लांट और मशीनरी, फर्नीचर कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर, मशीनों के कल-पूर्जे समेत सभी चल संपत्ति पर बैंक का अधिकार होगा. गीतांजलि लिमिटेड के दूसरे लोन के लिए चोकसी ने अपनी पूरे इंवेंट्री को जमानत के तौर पर बैंकों को सौंप दिया था.

निरव मोदी की वही चाल 

जहां तक चोकसी के भतीजे नीरव मोदी का सवाल है तो पंजाब नेशनल बैंक ने तो उन्हें लोन देने में सारी बंदिशें तोड़ डाली थीं. जांचकर्ताओं के मुताबिक पीएनबी ने आश्चर्यजनक रूप से बिना कुछ गिरवी रखे नीरव मोदी को कर्ज दे दिया था.

नीरव के फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड ने अगस्त 2012 में पीएनबी के एक उपक्रम पीएनबी इनवेस्टमेंट सर्विसेज लिमिटेड से 2480 करोड़ रुपए का लोन लिया. इस लोन को नीरव के भारत से भागने के महज एक महीने पहले 11 दिसंबर 2017 को संशोधित किया गया था.

फरवरी 2015 में फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड ने फिर पीएनबी इनवेस्टमेंट सर्विसेज लिमिटेड से 846 करोड़ का कर्ज लिया लेकिन बिना कुछ जमानत पर रखे. इसके सात महीने का बाद पीएनबी के ब्रैडी हाउस ब्रांच ने 400 करोड़ रुपए का एक और लोन 11 सितंबर 2015 को नीरव मोदी की कंपनी के नाम पर पास कर दिया.

मेहुल चोकसी की कंपनी नक्षत्र वर्ल्ड लिमिटेड ने भी कई प्राइवेट और सरकारी बैंकों से 440 करोड़ रुपए का लोन बिना कुछ गिरवी रखे लिया था. इस घोटाले के सामने आने का बाद नक्षत्र ब्रांड का विज्ञापन करने वाली बालीवुड की बड़ी कलाकारों ने आरोप लगाया कि उन्हें कांट्रैक्ट के अनुसार तय की फीस नहीं दी गयी.

ईडी ने हाल ही में मेहुल चोकसी और उससे जुड़ी कंपनियों के 1217 करोड़ रुपए के मूल्य की संपत्ति जब्त की है. इन संपत्तियों में मुंबई के 15 फ्लैट और 17 ऑफिस, आंध्र प्रदेश का हैदराबाद जेम्स एसईजेड, कोलकाता का शॉपिंग मॉल, अलीबाग का फार्म हाउस और महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 231 एकड़ भूमि शामिल है.

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