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डेबिट कार्ड बदलने के लिए बैंकों के सामने लग रही भीड़, जानिए क्या है पूरा मामला

पुराने कार्ड्स 31 दिसंबर के बाद मान्य नहीं होंगे हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन मैग्स्ट्रिप कार्ड का क्या होगा जिनकी एक तय समयसीमा है

Updated On: Dec 18, 2018 05:11 PM IST

FP Staff

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डेबिट कार्ड बदलने के लिए बैंकों के सामने लग रही भीड़, जानिए क्या है पूरा मामला

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सर्कुलर के मुताबिक 1 जनवरी 2019 से सिर्फ यूरोपे, मास्टरकार्ड, वीजा (EMV) चिप और पिन आधारित डेबिट और क्रेडिट कार्ड ही मान्य रहेंगे.

न्यूज18 के मुताबिक यह कदम इसलिए उठाया गया है जिससे इलेक्ट्रानिक फ्रॉड से बचा जा सके और उनसे जुड़े मामलों को निपटाया जा सके. बीते कुछ समय से क्लोनिंग, स्किमिंग और कार्ड के दुरुपयोग के मामले बढ़ गए थे.

हालांकि पुराने कॉर्ड्स को बदलने में बैंकों को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक केवल 50 से 60 फीसदी मैग्सट्राइप कार्ड्स को बदला गया है.

इसलिए पुराने कार्ड्स 31 दिसंबर के बाद मान्य नहीं होंगे हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन मैग्स्ट्रिप कार्ड का क्या होगा जिनकी एक तय समयसीमा है.

आंध्रा बैंक के एक एग्जीक्यूटिव ने बताया, 'अगर आरबीआई इस डेडलाइन को आगे नहीं बढ़ाती है तो बैंक कस्टमर्स को दोबारा कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए कह सकती है.'

वहीं एसबीआई के जिन ग्राहकों ने अपने मैग्स्ट्रिप कार्ड का प्रयोग बीते एक साल में एक बार किया है उन्हें फेस वन में नया कार्ड मिल चुका है.

हैदराबाद सर्किल के चीफ जनरल मैनेजर जे स्वामीनाथन ने कहा, 'जिन लोगों ने अपने कार्ड का प्रयोग बीते एक साल में नहीं किया उन्हें अपनी संबंधित ब्रांच में जाना चाहिए और नया कार्ड लेना चाहिए.'

एक तरफ एसबीआई अपने कस्टमर्स को नया कार्ड देने के लिए कोई शुल्क नहीं ले रहा है वहीं कुछ बैंक अपने कस्टमर्स से शुल्क के बतौर कुछ रुपया ले रहे हैं.

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