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कनिष्क गोल्ड पर 824 करोड़ के लोन फ्राड का मामला दर्ज

सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. इस सिलसिले में कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. के प्रमोटरों के आधिकारिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई

Bhasha Updated On: Mar 21, 2018 10:30 PM IST

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कनिष्क गोल्ड पर 824 करोड़ के लोन फ्राड का मामला दर्ज

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चेन्नई की कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. के खिलाफ कथित रूप से 824.15 करोड़ रुपए के लोन फ्राड का मामला दर्ज किया है. भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में 14 बैंकों के गठजोड़ से यह कर्ज लिया गया था. सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने बुधवार को इस मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की. सीबीआई ने यह एफआईआर 14 बैंकों के गठजोड़ की ओर से एसबीआई की शिकायत पर दर्ज की है.

एजेंसी ने कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि., इसके प्रवर्तक निदेशक भूपेश कुमार जैन, निदेशक नीता जैन, तेजराज अच्चा, अजय कुमार जैन और सुमित केडिया और कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. इस सिलसिले में कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. के प्रमोटरों के आधिकारिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई.

यह कंपनी सोने के आभूषण बनाती है. इसकी मार्केटिंग क्रिज ब्रांड नाम से की जाती है. एसबीआई ने सीबीआई को की गई अपनी शिकायत में कहा है कि कंपनी ने इन आभूषणों की बिक्री 2014 तक वितरकों के जरिए की. वर्ष 2015 में उसने अपना कारोबारी माडल बदलकर बी1 बी (बिजनेस टु बिजनेस) कर लिया और बड़े खुदरा आभूषण कारोबारियों को आपूर्ति शुरू की.

इन ऋण खातों को 2008 में एसबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक से लिया था. इसकी बैंकिंग व्यवस्था को मार्च, 2011 में बदलकर बहु-बैंकिंग व्यवस्था कर दिया गया.

क्या है एसबीआई का आरोप?

एसबीआई का आरोप है कि यह धोखाधड़ी 824.15 करोड़ रुपए की है. इसके नुकसान की भरपाई के लिए सिक्योरिटी सिर्फ 156.65 करोड़ रुपए है.

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिली है और उसके बाद एजेंसी बैंक के संपर्क में है, क्योंकि शिकायत में कई खामियां है, जिन्हें बैंक को दुरुस्त करना है.

सूत्रों ने कहा कि सीबीआई द्वारा छापेमारी पूरी करने से पहले ही यह शिकायत सार्वजनिक हो गई जिससे ऐसी आशंका है कि सीबीआई को संभवत: महत्वपूर्ण दस्तावेजी प्रमाण हासिल नहीं हो पाएंगे.

सूत्रों ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्वों ने संभवत: इस शिकायत को लीक किया है.

बैंक का आरोप है कि कनिष्क ने 2009 से रिकार्डों और वित्तीय ब्योरे की गलत जानकारी देकर कंपनी की बेहतर तस्वीर दिखाई जिससे कर्ज हासिल किया जा सके.

उसने कहा कि कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. और उसके निदेशकों ने बैंक के अधिकार और हितों के खिलाफ इस राशि को इधर-उधर किया.

एसबीआई ने जांच एजेंसी से कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. और उसके प्रोमोटर डायरेक्टर भूपेश कुमार जैन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है.

कंपनी के खातों को कर्ज देने वाले विभिन्न बैंकों ने 2017-18 में धोखाधड़ी वाला और एनपीए घोषित कर दिया था.

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