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Budget2019: क्या होता है वोट ऑन अकाउंट और कांग्रेस क्यों मचा रही है बजट पेश होने से पहले हंगामा?

बजट पेश करने के लिए सरकार के पास 12 महीने का कार्यकाल शेष होना चाहिए.

Updated On: Jan 25, 2019 06:38 PM IST

FP Staff

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Budget2019: क्या होता है वोट ऑन अकाउंट और कांग्रेस क्यों मचा रही है बजट पेश होने से पहले हंगामा?

केंद्र की मोदी सरकार 1 फरवरी को आम बजट पेश करने वाली है. मोदी सरकार का पांच साल का कार्यकाल मई 2019 में खत्म होने वाला है. वहीं ऐसी खबरें हैं कि सरकार इस सत्र में पूर्ण बजट पेश कर सकती है. जिसमें विभिन्न वर्गों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी हो सकती हैं. जिसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के पूर्ण बजट को लेकर कांग्रेस ने निशाना साध दिया है.

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा, 'लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी सरकार के जरिए पूर्ण बजट पेश करना सभी नियमों और स्थापित संसदीय परम्पराओं के खिलाफ है. सरकार का कार्यकाल पांच साल का है. जो मई 2019 में समाप्त हो जाएगा. पांच बजट पेश करने के बाद सरकार केवल वोट ऑन अकाउंट पेश कर सकती है.' पार्टी का कहना है कि नरेंद्र मोदी सरकार 2014 में मिले जनादेश के मुताबिक पांच पूर्ण बजट पेश कर चुकी है और अब वह सिर्फ लेखानुदान पेश कर सकती है.

उन्होंने कहा 'बजट पेश करने के लिए सरकार के पास 12 महीने का कार्यकाल शेष होना चाहिए. सरकार का यह फैसला विचित्र और अभूतपूर्व है क्योंकि केवल 3 महीनों का कार्यकाल शेष है. हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि बजट के 75 दिन के अंदर वित्त विधेयक पारित करना होता है.'

आनंद शर्मा ने कहा 'सरकार की मंशा संदिग्ध है. पहले किए गए झूठे वादों के औंधें मुंह गिरने के बाद इस बजट के जरिए सरकार जनता को गुमराह करने के लिए बड़ी घोषणाएं करना चाहती है. जो संविधान और संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ हैं.'

क्या होता है वोट ऑन अकाउंट

एक वोट-ऑन-अकाउंट सरकार के जरिए संसद के लिए एक औपचारिक अनुरोध है, ताकि चुनाव के समय तक अपने खर्चों को पूरा करने के लिए भारत के समेकित कोष का उपयोग करने की अनुमति दी जा सके. आसान शब्दों में कहें तो अप्रैल-मई में आम चुनाव होने के कारण सरकार पूर्ण बजट पेश करने की स्थिति में नहीं होती. हालांकि ऐसे समय में सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए सरकार को इंतजाम करने होते हैं ताकि नई सरकार के आने तक देश की सभी व्यवस्थाएं अच्छे से चलती रहें. ऐसे हालात में सरकार पूर्ण बजट पेश करने की बजाय कुछ महीनों का खर्च चलाने के लिए वोट ऑन अकाउंट पेश करती है. इसे लेखानुदान, अंतरिम बजट या मिनी बजट भी कहा जाता है.

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