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बजट ट्रिविया: जानिए कब लगता था पहेली सुलझाने पर टैक्स

क्या आप जानते हैं कि कब से पत्नी को दी गई रकम पर भी टैक्स लगने लगा था

FP Staff Updated On: Jan 31, 2018 06:10 PM IST

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बजट ट्रिविया: जानिए कब लगता था पहेली सुलझाने पर टैक्स

1967-68

यह बजट बेहद खास था क्योंकि पहली बार उप प्रधानमंत्री ने बजट पेश किया. मोरारजी देसाई उस वक्त फाइनेंस मिनिस्टर और उप प्रधानमंत्री थे.

1968-69

इस बजट में 'स्पाउस अलाउंस' खत्म कर दिया गया था. स्पाउस अलाउंस के तौर पर पति अपनी पत्नी या पत्नी अपने पति को जो रकम देती थी, उस पर टैक्स नहीं लगता था.

1969-70

इस बजट में इंपोर्टेड कारों पर टैक्स 60 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया था. बड़ी कारों को स्टेटस सिंबल का प्रतीक मानकर यह टैक्स लगाया था.

1970-71

इस बजट की खासियत है कि यह भारत का ऐसा पहला बजट है जिसे किसी महिला प्रधानमंत्री ने पेश किया हो. इसे इंदिरा गांधी ने पेश किया था, जो उस समय वित्त मंत्री भी थीं.

1971-72

इस बजट में विदेश जाने वालों पर टैक्स लगाया था. भारतीय मुद्रा में टिकट खरीदने पर कुल वैल्यू का 20 फीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया गया था. विदेशी मुद्रा में टिकट खरीदने पर कोई टैक्स नहीं लगता था.

1972-73

इस बजट की काफी आलोचना की गई थी. इसमें पहली बार क्रॉसवर्ड सुलझाकर जीती गई राशि पर 34.5 फीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया गया था.

1973-74

पहली बार बजट में अमीर किसानों की गैर-कृषि आमदनी पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव पेश किया गया था.

1974-75

इस बजट में इनकम टैक्स स्ट्रक्चर को सुधारने की दिशा में काम किया गया था. इसमें इनकम टैक्स के मैक्सिमम मार्जिनल रेट को 97.75 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी किया गया था.

1975-76

इस बजट में सरकारी कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव देने का ऐलान किया गया था ताकि वे अपने पीएफ फंड से बार-बार पैसे ना निकालें.

1976-77

इस बजट में 20 सूत्री कार्यक्रम का उल्लेख किया गया जो बाद में कांग्रेस की सरकारों के लिए एक परिभाषित कार्यक्रम बन गया.

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