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बजट 2018: मेक इन इंडिया की ये मांग पूरी करेंगे वित्तमंत्री!

कंज्यूमर गुड्स कंपनियों को जीएसटी में कुछ बड़े बदलाव चाहिए ताकि वो विदेशी कंपनियों से टक्कर ले सकें

FP Staff Updated On: Jan 29, 2018 11:16 PM IST

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बजट 2018: मेक इन इंडिया की ये मांग पूरी करेंगे वित्तमंत्री!

बजट से पहले फ्रिज, टीवी, माइक्रोवेव वॉशिंग मशीन जैसे कंज्यूमर आइटम बनाने वाली तमाम कंपनियां, जैसे पैनासोनिक, गोदरेज वगैरह की मांग है कि सरकार घरेलू कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए कस्टम ड्यूटी कम करे और लोकल इनसेंटिव बढ़ाए.

इसके साथ ही इंडस्ट्री की मांग है कि सरकार एनर्जी एफिशिएंट (कम बिजली खपतवाले) तमाम उत्पादों को बढ़ावा दे. गोदरेज एप्लाइएंसेस के बिज़नेस हेड कमल नंदी ने इकनॉमिक टाइम्स से कहा है कि फ्रिज, वॉशिंग मशीन और एसी जैसे प्रोडक्ट अब लग्ज़री आइटम नहीं हैं. इसलिए इनको अब जीएसटी में 28 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत के ब्रैकेट में लाना चाहिए. कंपनियां ये भी उम्मीद कर रही हैं कि 4 या 5 स्टार वाले प्रोडक्ट्स पर अतिरिक्त टैक्स छूट मिले ताकि देश में बिजली की खपत कम हो. कमल नंदी का ये भी कहना है कि सरकार अगर कम बिजली खपत वाले उपकरण बनाने पर छूट दे तो मेक इन इंडिया का विचार मजबूत होगा.

वहीं मोबाइल कंपनियों की भी मांग है कि सरकार मोबाइल के पार्ट्स पर जीएसटी कम करे. ऐसा न करने से देश में मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग कर रही मोबाइल कंपनियां पिछड़ रही हैं. इस समय मोबाइल पार्ट्स पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है जबकि इंडस्ट्री का मांग 12 प्रतिशत है.

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