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बजट 2018: सेस से छुटकारा चाहता है ऑटो सेक्टर

ऑटो सेक्टर की डिमांड है कि जीएसटी के साथ जो सेस लगा है वह हटा लिया जाए

Updated On: Jan 28, 2018 09:18 PM IST

FP Staff

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बजट 2018: सेस से छुटकारा चाहता है ऑटो सेक्टर
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देश की जीडीपी में ऑटो मार्केट की हिस्सेदारी 7 फीसदी है, लिहाजा बजट में इस पर फोकस रहना लाजिमी है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो मार्केट है. कार सेल्स में भारत पांचवें नंबर और दोपहिया वाहनों की बिक्री में नंबर वन हैं.

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क्या है डिमांड 

ऑटो सेक्टर के संगठन सियाम ने इस साल की शुरुआत में यह मांग की थी कि सभी पैसेंजर व्हीकर को जीएसटी में दो अलग टैक्स स्लैब में शामिल करना चाहिए. छोटी पेट्रोल कारों पर अभी 28 फीसदी जीएसटी और 1 फीसदी सेस लगता है. वहीं छोटी डीजल कारों पर 28 फीसदी जीएसटी और 3 फीसदी सेस लगता है. जबकि हाइब्रिड सहित बाकी सभी कारों पर 28 फीसदी जीएसटी और 15 फीसदी सेस लगता है. सियाम की मांग है कि इन कारों पर से सेस का बोझ हट जाए.

ऐसे चांस कम है कि सरकार पूरी तरह सेस हटा देगी. मुमकिन है कि स्टैंडर्डाइज स्लैब के साथ सरकार कुछ कारों पर से सेस हटा ले.

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