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बजट 2018 : बॉलीवुड को वित्तमंत्री ने दिखाया ठेंगा, नहीं की कोई भी मांग पूरी

बजट से पहले प्रड्यूसर्स गिल्ड ने सरकार को अपनी मांगों का मेमोरैंडम भेजा था

Updated On: Feb 01, 2018 04:48 PM IST

Hemant R Sharma Hemant R Sharma
कंसल्टेंट एंटरटेनमेंट एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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बजट 2018 : बॉलीवुड को वित्तमंत्री ने दिखाया ठेंगा, नहीं की कोई भी मांग पूरी
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मिडिल क्लास की तरह फाइनेंस मिनिस्टर ने बॉलीवुड की झोली भी खाली छोड़ दी है. बॉलीवुड ने मोदी सरकार से जो भी उम्मीदें लगा रखी थीं, उन सब पर अगले साल तक के लिए तो फिलहाल पानी फिर गया है.

वित्त मंत्री के पूरे बजट भाषण में बॉलीवुड के लिए कुछ भी नहीं था. सरकार से बॉलीवुड ने अपनी करीब दस मांगें रखी थीं जिनमें जीएसटी की दरों में कमी और पायरेसी को रोकने की मांग सबसे प्रमुख थी.

पायरेसी रोकने के लिए नहीं मिला बजट

पायरेसी या फिल्मों को कॉपी करके या डाउनलोड करके देखने की प्रक्रिया को रोकने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा गया है. इससे लड़ने के लिए जिस तरह की टेक्नोलोजी की जरूरत है उस पर लंबा चौड़ा खर्च आता है लेकिन सरकार ने हर बार की तरह इस पर गौर करने में कोई उत्सुकता नहीं दिखाई है. फिल्मवालों की सरकार से मांग थी कि चोरी से फिल्में देख लेने की वजह से लोगों का थिएटर्स में आना कम होता जा रहा है, जिससे थिएटर मालिकों को नुकसान हो रहा है, मल्टिप्लेक्सेस की हालत भी धीरे-धीरे खस्ताहाल हो चली है. हर हफ्ते कई छोटी फिल्मों को शो तो इसलिए रद्द करने पड़ते हैं क्योंकि दर्शक उन्हें देखने नहीं आते.

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इनकम टैक्स में बदलाव की मांग थी

बॉलीवुड के कई प्रड्यूसर्स ने इनकम टैक्स में छूट की मांग की थी. ये लाइन प्रड्यूसर्स पर इन दिनों करीब 10 प्रतिशत टीडीएस के रूप में कटता है. लेकिन कई सेवाओं में ये 2 प्रतिशत है. सरकार की साफ नीति न होने की वजह से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हर किसी का 10 प्रतिशत टीडीएस काट लेता है. जिससे लाइन प्रड्यूसर्स पर ज्यादा टैक्स बोझ बड़ रहा है. इसके अलावा विदेशी कलाकारों के साथ काम करने वाले प्रड्यूसर्स ने भी सरकार से मांग की थी कि वो उनकी सुविधा के लिए थोड़ी लचीली व्यवस्था लागू करे, जिसपर सरकार ने गौर नहीं किया.

क्या थीं सरकार से बॉलीवुड की मांगें यहां पढ़िए पूरी बात

फैशन डिजायनरों को उम्मीद

फैशन डिजायनरों ने सरकार से मांग की थी कि खादी के कपड़ों पर से पूरी तरह टैक्स मुक्ति मिल जाए ताकि खादी के उपयोग के बढ़ावा मिले, सरकार ने टैक्सटाइल उद्योग को 7148 करोड़ रुपए का आवंटन बजट में किया है लेकिन इससे किस तरह से फैशन डिजायनरों को फायदा होगा, इस पर अभी क्लेरिफिकेशन आना बाकी है.

अब जीएसटी से उम्मीदें

ज्यादातर प्रड्यूसर्स की मांग थी कि सरकार जीएसटी को थोड़ा कम करे ताकि फिल्म बनाना सस्ता हो सके और कम टिकट दरों के साथ दर्शकों को थिएटर्स तक लाने की बॉलीवुड की कोशिशों के बल मिल पाए.

ऐसे में बजट में कुछ भी ना मिलने की स्थिति को देखते हुए अब बॉलीवुड की नजर जीएसटी काउंसिल की मीटिंग पर है, ताकि जीएसटी कम होने पर कुछ टैक्स छूट का लाभ और टैक्स भरने की प्रक्रिया में आसानी लोगों को मिल सके.

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