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बिटकॉइन में लेन-देन आपको पड़ सकता है महंगा

आयकर विभाग ने भारत में इलीगल वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन में निवेश और ट्रेडिंग करने वाले लगभग चार से पांच लाख लोगों पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है

Updated On: Dec 20, 2017 08:23 AM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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बिटकॉइन में लेन-देन आपको पड़ सकता है महंगा

आयकर विभाग बिटकॉइन में लेनदेन करने वालों के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है. विभाग ने भारत में इलीगल वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन में निवेश और ट्रेडिंग करने वाले लगभग चार से पांच लाख लोगों पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है. देश में पिछले कुछ सालों से बिटकॉइन में निवेश धड़ल्ले से होने लगा है.

आयकर विभाग का कहना है कि विभाग की ऐसे लोगों पर नजर है, जो अवैध तरीके से बिटकॉइन एक्सचेंज में ट्रेडिंग कर रहे हैं. पिछले हफ्ते ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने देशभर के कई बिटकॉइन एक्सचेंजों पर छापेमारी की थी.

इस छापेमारी में आयकर विभाग को बिटकॉइन लेन-देन से संबंधित कई दस्तावेज बरामद हुए थे. आयकर विभाग की इस छापेमारी में यह बात भी सामने आई थी कि देश में 20 लाख बिटकॉइन से संबंधित एक्सचेंज किसी न किसी तरीके से रजिस्टर्ड हैं. इनमें करीब 5 लाख कंपनियां इस समय विशेष तौर पर बिटकॉइन को लेकर देश में सक्रिय है.

हरकत में आयकर विभाग!

पिछले सप्ताह आयकर विभाग की बेंगलुरु शाखा के नेतृत्व में ही पूरे देशभर में बिटकॉइन के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी. पिछले कुछ महीनों से आयकर विभाग ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है, जिनके बारे में आयकर विभाग को छापेमारी में कुछ रिकॉर्ड बरामद हुए थे.

आयकर विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ टैक्स चोरी का मामला दर्ज कर कैपिटल गेन टैक्स भुगतान करने का दबाव भी बना रही है. भारत जैसे देशों में अभी भी बिटकॉइन या डिजिटल करेंसी गैरकानूनी और आयकर नियमन के दायरे से बाहर है. आरबीआई भी देश में बिटकॉइन के बढ़ते चलन को लेकर चिंतित है. आरबीआई ने साफतौर पर बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी को जमा करने वाले लोगों को आगाह किया है कि यह निवेश जोखिम भरा है.

देश के वित्त मंत्रालय का भी कहना है कि किसी भी क्रिप्टो करेंसी को भारत में कनूनी मान्यता नहीं दी जाएगी. देश के वित्त राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा, 'सरकार बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी से जुड़ा कोई आंकड़ा नहीं रखती है.'

बिटकॉइन में बढ़ी दिलचस्पी

देखा जाए तो हाल के दिनों में बिटकॉइन गिफ्ट करने की परंपरा में काफी तेजी आई है. नए साल के जश्न की तैयारी में भी लोगों में बिटकॉइन गिफ्ट करने का क्रेज देखा जा रहा है. ऐसे में सरकार यह कोशिश करने में लग गई है कि किस तरह से बिटकॉइन के लेन-देन रोका जा सके.

Income tax

बिटकॉइन पर सरकार की एक चिंता आतंकी फंडिंग को लेकर है. इसी साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद भारत सरकार भी बिटकॉइन को लेकर सख्त है. इसी साल बिटकॉइन को लेकर सुप्रीम कर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. बिटकॉइन पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई से बिटकॉइन की खरीद-बिक्री पर तुरंत रोक लगाने को कहा था.

लेकिन, दूसरी तरफ वित्त मंत्रालय ने अमेरिका और कनाडा के तर्ज पर भारत में भी बिटकॉइन पर कानून बनाने की मंजूरी दे दी. भारत सरकार एक तरफ मान रही है कि बिटकॉइन देश में हवाला कारोबार को बढ़ावा दे रहा है. दूसरी तरफ वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा गठित एक कमेटी की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि ऐसी मुद्राओं से जुड़े कानूनी विषयों पर अध्ययन करके भारत में भी इसका फ्रेमवर्क तैयार किया जाए.

वित्त मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों ने भी क्रिप्टो से होने वाली आतंकी फंडिग और हवाला गतिविधियों पर काफी नियंत्रित किया है. कहने को तो बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी है. लेकिन, इसकी कीमत पिछले करीब आठ साल में कई लाख गुना बढ़ी है.

क्या है बिटकॉइन ?

बिटकॉइन एक नई तरह की वर्चुअल करंसी है. जिसे 2008 में सतोशी नाकामोतो नामक एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने दुनिया के सामने पेश किया था. इंटरनेट के जरिए इस करेंसी से बिना किसी बिचौलिए के लेन-देन किया जा सकता है. जिसका कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं होता है.

बिटकॉइन की कीमत फिलहाल किसी भी देश की करेंसी से ज्यादा है. साल 2009 में बिटक्वॉइन 36 पैसे का था. जो साल 2013 आते-आते 12 हजार रुपए का हो गया. पिछले दो साल में इसका भाव और बढ़ता गया है. अगर देखा जाए तो पिछले एक साल में 1 लाख रुपए का बिटकॉइन बढ़कर 11 लाख हो गया है. वहीं पिछले लगभग 8 साल की बात करें तो 150 रुपए के निवेश की कीमत 90 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गई है.

तेजी से बढ़ा कारोबार

दुनिया में बिटकॉइन का कारोबार तेजी से बढ़ा है. लेकिन, भारत सरकार वर्चुअल करेंसी को लेकर अब तक कोई राय नहीं बना पाई है. वित्त मंत्रालय की एक कमेटी ने हाल ही में इस क्रिप्टो करेंसी पर अपनी एक रिपोर्ट दाखिल की है.

चूंकि बिटकॉइन पर सरकारी नियंत्रण नहीं है इसलिए इस पर पाबंदी की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. इस याचिका पर अगस्त में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक से कहा था कि चार हफ्ते के भीतर बिटकॉइन पर फैसला करे, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. सरकार द्वारा बनाई एक कमेटी की रिपोर्ट अब आ गई है ऐसे में कहा जा सकता है कि सरकार इस पर जल्द ही कोई निर्णय लेने जा रही है.

एक अनुमान के मुताबिक इस समय दुनिया भर में 2.5 करोड़ से अधिक बिटकॉइन सर्कुलेशन में हैं. इस करेंसी का इस्तेमाल सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होता है. कहा जाता है कि होटल बुक कराने, सैर सपाटा करने और हीरे जवाहरात खरीदने से लेकर सट्टाबाजारी, कत्ल की सुपारी और फिरौती के लिए भी बिटकॉइन का इस्तेमाल हो रहा है.

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