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2013 के बाद बिटकॉइन में सबसे बड़ी गिरावट, 4 दिन में डूबे 6 लाख रुपए

4 दिन पहले जिस बिटकॉइन का भाव 13 लाख रुपए पर था, वो अब गिरकर 7 लाख रुपए पर आ गया है. सिर्फ शुक्रवार को ही इसका भाव करीब 30 प्रतिशत घट गया

FP Staff Updated On: Dec 23, 2017 03:54 PM IST

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2013 के बाद बिटकॉइन में सबसे बड़ी गिरावट, 4 दिन में डूबे 6 लाख रुपए

पिछले कुछ दिनों से गजब की तेजी दिखा रहे बिटकॉइन में बड़ी गिरावट आई है. रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह 45 फीसदी तक लुढ़क गया है. 4 दिन पहले जिस बिटक्वाइन का भाव 13 लाख रुपए पर था, वो अब गिरकर 7 लाख रुपए पर आ गया है. सिर्फ शुक्रवार को ही इसका भाव करीब 30 प्रतिशत घट गया.

दरअसल बिटकॉइन इंफ्रास्ट्रक्चर में आई दिक्कतों के चलते इसमें गिरावट आई है. माना जा रहा है कि इसकी ट्रांजैक्शन फीस काफी ज्यादा है, जिसका असर इस पर देखने को मिला है. 2016 में बिटक्वाइन 126 फीसदी बढ़ा था. वहीं, 2017 में अब तक बिटक्वाइन के भाव 1500 फीसदी तक चढ़ चुके है.

4 दिन में डूबे 6 लाख रुपए

अगर किसी निवेशक ने 4 दिन पहले 20 हजार डॉलर यानी 13 लाख रुपए के भाव पर इसमें इन्वेस्ट किया होता तो उसके इन्वेस्टमेंट की वैल्यू गिरकर 11 हजार डॉलर यानी 7.15 लाख रुपए रह जाती है. इस हिसाब से 4 दिन में 6 लाख रुपए का घाटा होता. अगर निवेशकों ने 1 से ज्यादा बिटकॉइन खरीदे होंगे तो उनका घाटा भी बढ़ जाएगा.

एक दिन के कारोबार की बात करें तो बिटकॉइन में बीते तीन महीनों में आई यह सबसे बड़ी गिरावट है. एक सप्ताह के कारोबार में बिटकॉइन में 2013 के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट हो सकती है.

क्यों आई गिरावट

क्रिप्टोकम्पेयर वेबसाइट के फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ने कहा, 'साल खत्म होने के दौर में ज्यादातर इन्वेस्टर अपना मुनाफा निकालना चाहते हैं. यही वजह है कि क्रिसमस और न्यू इयर से पहले बिटकॉइन में तेज गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है. इसके अलावा माना जा रहा है कि इस वर्चुअल करेंसी को बनाना बेहद महंगा हो रहा है. इसीलिए इसमें तेज गिरावट आई है. साथ ही, इसके इंफ्रास्ट्रक्चर में आई दिक्कतें अभी तक नहीं सुलझी हैं.

बिटकॉइन एक ऐसी करेंसी है, जिसे दुनिया की सबसे महंगी करेंसी माना जाता है. ऑनलाइन गेमिंग, क्विज को सॉल्व करने पर आपको बिटकॉइन मिलते हैं. साथ ही, पैसे देकर भी बिटक्वाइन खरीदा जा सकता है. भारत में बिटकॉइन के ट्रांजेक्शन का प्लैटफॉर्म https://support.buysellbitco.in/support/home पर उपलब्ध है. आपको बता दें कि हाल में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बिटकॉइन को मान्यता देने का कोई इरादा नहीं है. वहीं, RBI ने भी बिटकॉइन के जोखिम को लेकर चेतावनी जारी की है.

बिटकॉइन की माइनिंग महंगी

बिटकॉइन के एक बार के ट्रांजैक्शन और माइनिंग (बनाने) में बिजली की बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है, क्‍योंकि एक बिटकॉइन बनाने (माइनिंग) में 25000 कम्‍प्‍यूटर की जरूरत होती है. डेनमार्क के बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक ING की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक बिटक्वाइन के प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 240 किलोवॉट बिजली खर्च होती है. यह एक औसत परिवार के मासिक बिजली खपत के लगभग बराबर है.

भारत समेत कई देशों ने अभी तक इस वर्चुअल करेंसी को मान्यता नहीं मिली है. हाल में भारतीय सरकार बिटकॉइन को लेकर सख्त कदम उठा रही है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 5 लाख लोगों को टैक्स नोटिस भेजने जा रहा है. लिहाजा इसे खरीदना यानी खतरा मोल लेना है.

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