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कस्टमर्स की रेटिंग से तय होगी एयर इंडिया कर्मचारियों की तरक्की!

समीक्षावधि में कुल 12,448 शिकायतें मिली इसमें से 4,415 शिकायतें केवल विमानन मंत्रालय के खिलाफ थीं

Bhasha Updated On: Aug 27, 2017 09:37 PM IST

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कस्टमर्स की रेटिंग से तय होगी एयर इंडिया कर्मचारियों की तरक्की!

सरकारी क्षेत्र की एयरलाइन  कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारियों के ‘गैर-पेशेवराना व्यवहार’ की बढ़ती शिकायतों के चलते सुझाव है कि उनकी सेवा का मूल्यांकन में, उनके बारे में ग्राहकों की राय को भी जोड़ा जाना चाहिए.

सरकार द्वारा कराए गए एक अध्ययन में यह भी सुझाया गया है कि कर्मचारियों द्वारा उड़ानों के बारे में समय पर खबर देने और अन्य मानकों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाए.

इस अध्ययन में कहा गया है कि इस एयरलाइन की सेवाओं को लेकर शिकायत तथा ‘पुरानी पड़ चुकी मानव संसाधन नीति’ और बाहरी इकाइयों के तैनात कर्मियों को प्रमुख कारण बताया गया है. साथ ही इस अध्ययन में जन शिकायतों को कम करने के लिए कर्मचारियों को मासिक आधार पर इनाम देने का भी सुझाव दिया गया है.

 नागर विमानन मंत्रालय के खिलाफ सबसे अधिक शिकायत

उल्लेखनीय है कि यह अध्ययन कार्मिक, शिकायत और पेंशन मंत्रालय के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषद ने किया था. इस अध्ययन के लिए संसद की एक समिति ने निर्देश दिए थे.

केंद्रीयकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) द्वारा एक अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2016 के बीच लोगों से मिली शिकायतों के आधार पर कुल 20 मंत्रालयों/ सरकारी विभागों को इस अध्ययन के लिए चुना गया था. सीपीजीआरएएमएस शिकायतें दाखिल करने की एक ऑनलाइन प्रणाली है.

शुक्रवार को इस अध्ययन रपट को कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जारी किया. इस अध्ययन में सबसे ज्यादा शिकायतें नागर विमानन मंत्रालय के खिलाफ प्राप्त हुईं. समीक्षावधि में कुल 12,448 शिकायतें मिली इसमें से 4,415 शिकायतें केवल विमानन मंत्रालय के खिलाफ थीं.

इसमें भी करीब 32% शिकायतें नागर विमानन महानिदेशालय के खिलाफ, 31% एयर इंडिया और 29% भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के खिलाफ रहीं.

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